खान एवं भूविज्ञान निदेशालय की ओर से खनिजों की जांच के लिए अत्याधुनिक तकनीक डब्ल्यूडी-एक्सआरएफ (वेवलेंथ डिस्पर्सिव एक्स-रे फ्लोरोसेंस) मशीन प्रयोगशाला में स्थापित की जाएगी। इसके लिए विभाग ने मशीन की आपूर्ति और स्थापना को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परियोजना पर कुल 4.25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें सभी एक्सेसरीज और पांच वर्षों का मेंटेनेंस भी शामिल रहेगा। विभाग का उद्देश्य इस हाईटेक मशीन के जरिए खनिज नमूनों का तेज, सटीक और उच्च गुणवत्ता वाला रासायनिक विश्लेषण करना है। इससे राज्य में खनिज अन्वेषण, गुणवत्ता नियंत्रण और अनुसंधान कार्यों को नई मजबूती मिलेगी। अभी यह सुविधा जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के पास ही राजस्थान में यह पहली बार होगा जब माइनिंग विभाग अपनी प्रयोगशाला में इस स्तर की अत्याधुनिक डब्ल्यूडी-एक्सआरएफ मशीन स्थापित करेगा। अभी तक यह सुविधा केवल जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के पास ही उपलब्ध है। खान विभाग के भू-वैज्ञानिकों के पास फिलहाल ईडी-एक्सआरएफ मशीन है, जो 20 से 30 लाख रुपए की लागत वाली पोर्टेबल मशीन होती है। हाल ही में विभाग ने तकनीकी कर्मचारियों को यह मशीन उपलब्ध कराई है। डब्ल्यूडी-एक्सआरएफ मशीन में एक्स-रे तकनीक के माध्यम से खनिजों की जांच की जाती है। विभाग वर्तमान में करीब 60 प्रकार के खनिजों के नमूनों की जांच करता है, जो अब तक मैन्युअल तरीके से होती रही है। नई मशीन लगने के बाद जांच प्रक्रिया सेमी-ऑटोमेटिक हो जाएगी। इसमें 20 और 40 ट्रे के टैबलेट बनाकर मशीन में रखे जाएंगे, जिससे प्रत्येक सैंपल की जांच मात्र तीन मिनट में संभव हो सकेगी।


