भास्कर न्यूज | अमृतसर खालसा कॉलेज ने मंगलवार को धूमधाम से अपना 133वां स्थापना दिवस मनाया। गुरुद्वारा साहिब में गुरबाणी कीर्तन के साथ समारोह की शुरुआत हुई, जिसके बाद कॉलेज के इतिहास और उपलब्धियों पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। इस अवसर पर परमात्मा का ओट आसरा लेते हुए संस्था की चढ़दी कला के लिए गुरुद्वारा साहिब में गुरमति स्टडी सेंटर के विद्यार्थियों की ओर से गुरबाणी कीर्तन गायन करके हाजिर संगत को निहाल किया। खालसा यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डा. महल सिंह ने बताया कि 5 मार्च 1892 को तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर सर जेम्स ब्रोडवुड लायल ने कॉलेज की नींव रखी थी। इतिहासकार गुरिंदरजीत सिंह जोसन ने कॉलेज की अद्भुत वास्तुकला की सराहना की, जो इंडो-यूनानी, गौथिक, मुगल और सिख शैली का अनूठा संगम है। सिख इतिहासकार डा. इंद्रजीत सिंह गोगोआनी ने बताया कि कॉलेज की स्थापना सिंह सभा लहर का परिणाम थी, जिसने पश्चिमी शिक्षा के प्रभाव के खिलाफ सिख विरासत को पुनर्जीवित किया जानकारों ने बताया कि कॉलेज ने अपने 133 वर्षों के इतिहास में कई नामी हस्तियों को शिक्षा दी है। कॉलेज की कार्यकारी प्रिंसिपल डा. अरविंदर कौर काहलो ने मेहमानों को सम्मानित किया।


