खालिस्तानी संगठन का दावा- महाकुंभ में ब्लास्ट कराया:ईमेल भेजकर जिम्मेदारी ली; कहा- यह पीलीभीत फेक एनकाउंटर का बदला

प्रयागराज महाकुंभ मेले में 19 जनवरी को लगी आग की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने ली है। KZF ने मंगलवार को मीडिया संस्थानों को ई-मेल भेजकर दावा किया कि यह पीलीभीत एनकाउंटर का बदला है। पीलीभीत एनकाउंटर 23 दिसंबर को हुआ था। यूपी पुलिस ने 3 खालिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। हालांकि यूपी पुलिस ने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के दावे को नकार दिया है। उधर, पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी (इंटरनल सिक्योरिटी) आरएन ढोके ने कहा कि यह घटना उत्तर प्रदेश की है। इस वजह से उनका इस मामले में कुछ कमेंट करना ठीक नहीं है। दरअसल, प्रयागराज में महाकुंभ के मेला क्षेत्र में 19 जनवरी को शाम करीब साढ़े चार बजे आग लग गई थी। शास्त्री ब्रिज के पास सेक्टर 19 में गीता प्रेस के कैंप में ये आग लगी थी। गीता प्रेस के 180 कॉटेज आग में जल गए थे। महाकुंभ प्रशासन के अनुसार, गीता प्रेस की रसोई में छोटे सिलेंडर से चाय बनाते समय गैस लीक होने के कारण आग लगी थी। आग लगने से रसोई में रखे 2 गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुए थे। KZF का दावा- हमारा मकसद नुकसान पहुंचाने का नहीं था
आतंकी संगठन ने कनाडा और पंजाब के पत्रकारों को ई-मेल भेजा है। ‘खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने कहा कि मुख्य उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। यह सिर्फ UP के CM के लिए एक अलर्ट है। यह अभी शुरुआत है।’ ई-मेल में फतेह सिंह बागी का नाम लिखा है। फतेह सिंह नाम के युवक ने भेजा मेल फतेह सिंह बागी तरनतारन का रहने वाला एनकाउंटर में शामिल खालिस्तानी आतंकियों का हैंडलर फतेह सिंह बागी, तरनतारन का रहने वाला है। बागी पढ़ाई के लिए विदेश चला गया था। उसके पिता जोगिंदर सिंह और उसके दादा दोनों भारतीय सेना में थे। वहीं, बागी का बड़ा भाई गुरजीत सिंह अभी भी भारतीय सेना में है और राजस्थान में उसकी तैनाती है। जोगिंदर सिंह ने मीडिया से कहा था कि जगजीत सिंह उर्फ फतेह सिंह बागी को दस साल हो गए हैं, वो विदेश में ही रह रहा है। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का डिप्लोमा करने यूके गया था। करीब 8 साल पहले दूसरी जाति में शादी करने के बाद उसे परिवार द्वारा बेदखल कर दिया गया था। वह यूके आर्मी में भर्ती हो गया। लड़ाई के लिए अफगानिस्तान भी गया था। पीलीभीत एनकाउंटर एक महीने पहले हुआ था
पीलीभीत एनकाउंटर 23 दिसंबर को हुआ था। पीलीभीत पुलिस ने 3 खालिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। ये पंजाब की एक पुलिस चौकी पर ग्रेनेड अटैक के आरोपी थे। तीनों भागकर पीलीभीत में रह रहे थे। यूपी पुलिस ने यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के इनपुट पर की थी। पूरी खबर पढ़ें महाकुंभ मेले में आग, खाना बनाते वक्त सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका
प्रयागराज में महाकुंभ के मेला क्षेत्र में रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे आग लग गई। शास्त्री ब्रिज के पास सेक्टर 19 में गीता प्रेस के कैंप में ये आग लगी। गीता प्रेस के 180 कॉटेज आग में जल गए। अफसरों के मुताबिक, गीता प्रेस की रसोई में शाम 4 बजकर 10 मिनट पर छोटे सिलेंडर से चाय बनाते समय गैस लीक हुई और आग लग गई। इसके बाद 2 सिलेंडर ब्लास्ट हो गए। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी। पढ़ें पूरी खबर ………………………………….
ये खबर भी पढ़ें… महाकुंभ में सिलेंडर की जांच होगी अनिवार्य, अनधिकृत सिलेंडरों की बिक्री पर सख्ती महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को खाद्य एवं रसद विभाग ने एल.पी.जी. सुरक्षा पर एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें विभागीय अधिकारियों, एल.पी.जी. वितरकों, गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों, और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान एलपीजी के रिसाव से हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश दिए गए। पूरी खबर पढ़ें पीलीभीत में मारे आतंकी लॉरेंस वाला एप इस्तेमाल करते थे, 20 सेकेंड में सर्वर से डेटा डिलीट UP के पीलीभीत में 23 दिसंबर को हुए एनकाउंटर में 3 खालिस्तानी आतंकी मारे गए। ये आतंकी मोबाइल पर बातचीत के लिए बेस्ड एप जांगी (ZANGI) का इस्तेमाल कर रहे थे। इसका डेटा सिर्फ 20 सेकेंड में सर्वर से ऑटोमेटिक डिलीट हो जाता है। ऐसे में आतंकी कहां हैं, किससे संपर्क कर रहे हैं, एक-दूसरे को क्या भेज रहे हैं? ये सब सुरक्षा एजेंसियों के हाथ नहीं लग पाता। पढ़िए पूरी खबर…

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