खिलचीपुर में नदी के पानी से उठ रही भाप:राजगढ़ में 5.4 डिग्री तक लुढ़का पारा, ठंड से बचाव के लिए अलाव बने सहारा

राजगढ़ जिले में शीतल लहर के बाद अब कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीती रात जिले का न्यूनतम तापमान गिरकर 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी के बराबर है। इसके साथ ही राजगढ़ और पचमढ़ी मध्यप्रदेश के सबसे ठंडे इलाके बन गए हैं। मंगलवार सुबह शहर की तस्वीर बदली हुई नजर आई। घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही बेहद कम रही। करीब सुबह 9 बजे तक मुख्य सड़कें और बाजार लगभग सुनसान नजर आए। जरूरी काम से बाहर निकले लोग ऊनी कपड़ों में पूरी तरह ढंके दिखाई दिए। चौक-चौराहों पर जलते अलाव बने सहारा ठंड से राहत पाने के लिए शहर के चौक-चौराहों और मोहल्लों में अलाव जलते नजर आए। लोग अलाव के चारों ओर खड़े होकर हाथ सेंकते दिखे। मौजूदा हालात में अलाव आमजन के लिए ठंड से बचाव का सबसे बड़ा सहारा बने हुए हैं। खिलचीपुर में नदी से धुआं उठता दिखा खिलचीपुर क्षेत्र में ठंड का असर और ज्यादा दिखाई दिया। यहां गाड़गंगा (कोरा) नदी से धुएं जैसी भाप उठती नजर आई। ठंडी हवा और नदी के पानी के तापमान में अंतर के कारण बना यह दृश्य सर्दी की तीव्रता को साफ तौर पर बयां कर रहा था। सुबह के समय यह नजारा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। प्रदेश के अन्य शहरों की बात करें तो कल्याणपुर (शहडोल) और भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, इंदौर में 6.6 डिग्री, उमरिया में 7.0 डिग्री और अमरकंटक में भी ठंड दर्ज की गई। आगे और बढ़ेगी ठंड, सतर्क रहने की सला मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय ठंड का असर और बढ़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल राजगढ़ में कोहरा, अलाव और नदी से उठती भाप यह साफ बता रही है कि सर्दी पूरे शबाब पर है।

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