शहर में मंगलवार से 69वें नेशनल गेम्स की शुरुआत हो गई है। जिनका उद्घाटन शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैस ने किया। 16 जनवरी तक चलने वाली इन खेलों में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और विद्या भारती स्कूलों सहित सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा अन्य शिक्षा संस्थाओं के करीब 1000 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों के दौरान जूडो अंडर-14 लड़के और लड़कियां, ताइक्वांडो अंडर-14 लड़कियां, गतका अंडर-19 लड़के और लड़कियां के मुकाबले होंगे। 350 कोच भाग ले रहे हैं। लेकिन खेलों की शुरुआत के साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कई राज्यों से आए खिलाड़ियों और कोचों का कहना है कि बच्चों व उन्हें शहर के 38 अलग-अलग स्कूलों में ठहराया गया है। जहां से खेल मैदानों की दूरी 10 से 15 किलोमीटर है, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। प्रैक्टिस न होने से उनके प्रदर्शन पर असर पड़ेगा। एक राज्य के कोच ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उनकी टीम का समय पर मैदान तक पहुंचना और अभ्यास करना मुश्किल हो रहा है। खिलाड़ियों का वजन कहीं हो रहा है तो उन्हें ठहराया कहीं ओर गया है। एक कोच ने बताया कि बीसीएम आर्या स्कूल में मैच होना है जबकि खिलाड़ियों को 10 किलोमीटर दूर रोका गया है। कुछ खिलाड़ियों के मुकाबले 4 दिन बाद हैं। तो वह कैसे अभ्यास करेंगे। उन्हें मैदान के आस पास ठहराना चाहिए था। एक कमरे में 10–15 खिलाड़ी, वॉशरूम की हालत खराब दिल्ली की टीम अपने साथ खाना बनाने वाला स्टाफ लेकर आई है और खुद खाना बना रही है, लेकिन जिस स्कूल में उन्हें ठहराया गया है वहां सुविधाएं संतोषजनक नहीं हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि एक कमरे में 10 से 15 खिलाड़ियों को रखा गया है और वॉशरूम की हालत बेहद खराब है। महाराष्ट्र की टीम के खिलाड़ियों ने भी कमरे छोटे होने और साफ-सफाई की कमी का बात कही है। कोच का कहना है कि नेशनल लेवल के खेलों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। हालांकि खिलाड़ियों ने बताया कि खाना ठीक मिल रहा है।


