बोकारो के क्रिसेंट पब्लिक स्कूल ने गलत तरीके से सीबीएसई से मान्यता ली है। नियमानुसार सीबीएसई से मान्यता के लिए जितनी जमीन होनी चाहिए, उससे कम भूमि पर ही सीबीएसई से मान्यता ले ली है। 12वीं तक की मान्यता के लिए 75 डिसमिल जमीन चाहिए, लेकिन 53 डिसमिल जमीन पर ही मान्यता ली है। इसका खुलासा बोकारो डीसी की ओर से बनाई गई कमेटी की जांच में हुआ है। इस मामले में 2023 से हो रही जांच पूरी होने के बाद भी अब तक डीसी की ओर से स्कूल पर कार्रवाई के लिए सीबीएसई को पत्राचार नहीं किया गयाा है। स्कूलों की पहुंच का आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आठ माह पहले कमेटी ने रिपोर्ट दी है, इसके बाद भी डीसी ने कार्रवाई के लिए सीबीएसई को नहीं लिखा है। 10 दिन पहले लीज हो चुका है समाप्त इधर, बीएसएल से मिली जानकारी के मुताबिक क्रिसेंट पब्लिक स्कूल का लीज 7 जनवरी 2025 को समाप्त हो गया है। बीएसएल ने 33 वर्ष का लीज दिया था। फिलहाल बीएसएल प्रबंधन की ओर से लीज के नवीकरण के लिए स्कूल प्रबंधन को एडवाइज भेजने की प्रक्रिया कर रहा है। वहीं स्कूल का संबद्धता सेक्टर-6 की भूमि पर ली गई है। एक ही संबद्धता पर दूसरा स्कूल चलाने के लिए सीबीएसई से अनुमति लेनी होती है। इसके अलावा प्ले ग्राउंड, रैंप समेत अन्य सुविधाएं होनी चाहिए। क्रिसेंट पब्लिक स्कूल ने इसकी अनुमति ली है या नहीं यह जांच का विषय है। डीसी के स्तर से नहीं हुई है कुछ भी कार्रवाई कमेटी ने 12 अप्रैल 2025 को जांच रिपोर्ट में कहा है कि क्रिसेंट स्कूल (ज्ञानदीप शिक्षण संस्थान) को 1990 में सेक्टर-6 में 2037.7 वर्ग मीटर भूमि 33 वर्ष के लीज पर दिया। वहीं िमथिला एकेडमी को सेक्टर-4 में 2,023.43 वर्ग मीटर भूमि 1985 में आवंटित हुआ। 8 माह से रिपोर्ट डीसी के पास पड़ी है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। मेरे संज्ञान में मामला नहीं स्कूल प्रबंधन ने कहा रांग नंबर… इस संबंध में पक्ष लेने के लिए स्कूल प्रबंधन में शामिल अक्षत गुप्ता को उनके मोबाइल नंबर 9066044100 पर कॉल किया गया। रिपोर्टर से सारे मामले की जानकारी लेने के बाद उन्होंने रांग नंबर बताते हुए कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। इसके बाद कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। सेक्टर-6 स्थित क्रिसेंट पब्लिक स्कूल। आठ माह पहले दी जांच रिपोर्ट, अभी तक कार्रवाई नहीं 2023 में तत्कालीन डीसी को मिली थी शिकायत बोकारो के क्रिसेंट पब्लिक स्कूल, मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल आदि की मान्यता पर सवाल उठाते हुए 10 जनवरी 2023 को बोकारो के तत्कालीन डीसी कुलदीप चौधरी के पास शिकायत हुई। शिकायत मिलने के बाद डीसी ने 19 जनवरी 2023 को जांच के लिए तत्कालीन अपर समाहर्ता शादात अनवर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इसमें चास सीओ व एक्सीक्यूजिट मजिस्ट्रेट सुदीप एक्का को भी शामिल किया गया। लेकिन कमेटी ने कोई जांच नहीं की। इसी बीच तत्कालीन अपर समाहर्ता शादात अनवर का स्थानांतरण हो गया। प्रभारी अपर समाहर्ता के रूप में मेनका ने कार्य भार संभाला। इस दौरान भी कमेटी ने कोई जांच नहीं की। इसके बाद डीसी कुलदीप चौधरी का स्थानांतरण हो गया। विजया जाधव नई डीसी बनी। इस दौरान आवेदक ने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। इसके बाद टीम की नींद खुली और मामले में जांच शुरू हुई।


