खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी बीकानेर में जुटे हुए हैं। सोमवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रदर्शन के बाद देर रात सभी कलेक्टरी परिसर पहुंच गए, जहां बिश्नोई धर्मशाला के आगे महापड़ाव शुरू होगा। इससे पहले सोमवार को ही बिश्नोई समाज के 363 संतों ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। संतों के साथ कई भक्तों ने भी अन्न त्यागने का निर्णय किया है। सोमवार देर रात सभी प्रदर्शनकारियों ने पॉलिटेक्निक कॉलेज खाली कर दिया। कोई पैदल तो कोई वाहनों में कलेक्टरी परिसर पहुंचे। यहां कुछ लोग बिश्नोई धर्मशाला में पहुंचे तो कुछ कलेक्टरी की तरफ बढ़े। जहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने इनको बाहर ही रोक दिया। रात को टैंट में सोये प्रदर्शनकारी राजस्थान सहित प्रदेशभर से आए प्रदर्शनकारियों के लिए बिश्नोई धर्मशाला छोटी पड़ गई। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग टैंट में ही सो गए। यहां इनके लिए गद्दे बिछाये गए और रजाई उपलब्ध कराई गई। सभी लोग रात में ठिठुरते रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने पूरी रात जागकर ही गुजारी। पुलिस प्रशासन हरकत में उधर, पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में है। कलेक्टरी की सुरक्षा के लिए एसटीएफ को तैनात किया गया है, वहीं आरएसी के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है। आंदोलन से जुड़े नेताओं से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। गुप्तचर पुलिस भी आंदोलनकारियों के साथ संपर्क में है। आज भी बाहर से आ सकते हैं पर्यावरण प्रेमी आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार को बीकानेर पहुंचे लोग कल और आज वापस निकल गए, वहीं बड़ी संख्या में आज भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। आंदोलन से जुड़े नेता भी लगातार संपर्क कर रहे हैं।


