बीकानेर| खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत महापड़ाव स्थल पर सोमवार को संत भागीरथ दास शास्त्री ने वार्ता विफल होने की जानकारी देते हुए महापड़ाव जारी रखने की घोषणा कर दी। कहा कि हम जयपुर से आपके लिए कुछ भी लेकर नहीं आ सके। उन्होंने संभागीय आयुक्त की ओर से जिला कलेक्टर को लिखा एक पत्र को पढ़कर सुनाया। जयपुर में मुख्यमंत्री से मिलकर संतों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार सुबह बीकानेर लौटा। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि आठ दिनों से चल रहा महापड़ाव जारी रहेगा। सरकार से वार्ता विफल हो गई है। संभागीय आयुक्त का एक औपचारिक पत्र जारी किया गया है। उसके बाद भी जोधपुर के पल्ली गांव में 500 खेजड़ियां कट गईं। इसलिए लड़ाई जारी रहेगी। बताया गया कि अनुसार संत दिनभर राजस्थान में खेजड़ी की कटाई पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित राजस्व विभाग के आदेश का इंतजार करते रहे। शाम को सर्किट हाउस में उन्हें संभागीय आयुक्त की ओर से जिला कलेक्टर को लिखा गया पत्र थमा दिया गया। पत्र में लिखा है, “खेजड़ी को लेकर कानून अतिशीघ्र लागू किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही राज्य सरकार प्रदेश में खेजड़ी संरक्षण एवं अवैध कटाई नहीं होने देने के प्रति पूर्णत संकल्पित है।’ संत भागीरथ दास शास्त्री बोले, उनकी राजस्थान में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने की मांग थी। इस संबंध में राजस्व विभाग के सचिव से एक सर्कुलर सभी कलेक्टर्स को जारी करने पर बात हुई थी, लेकिन ऐसा आदेश सोमवार को रात तक उन्हें नहीं दिया गया। बोले- खेजड़ी की कटाई पर रोक की मांग की थी, मिला आश्वासन


