अंतर्राष्ट्रीय जाटसंसद के संस्थापक अध्यक्षरामावतार पलसानिया ने राज्य वृक्षखेजड़ी को बचाने के लिए बीकानेरमें महापड़ाव को अभूतपूर्व औरऐतिहासिक बताते हुए खेजड़ी सुरक्षाके लिए कड़े और सुरक्षा के लिएमजबूत व्यावहारिक कानून की मांगकी है। उन्होंने कहा कि खेजड़ली काबलिदान लोग भूले नहीं है। खेजड़ीबची रहेगी तो राजस्थान बचेगा। यहराजस्थान का भविष्य है। उन्होंनेकहा कि खेजड़ी सिर्फ एक पेड़ नहीं,बल्कि थार मरुस्थल की जीवनरेखाहै। यह राजस्थान की सांस्कृतिकऔर पारिस्थितिक पहचान है।पलसानिया ने कहा कि खेजड़ीराजस्थान की संस्कृति और पहचानहै। इसकी सुरक्षा धार्मिक आस्था सेजुड़ा प्रश्न है। इस पर सरकार तुरंतकार्यवाही करे। उन्होंने कहा किसरकार को यह समझना चाहिए किबहुत कम पानी में भी जीवित रहनेवाली खेजड़ी मिट्टी को बांधती हैं।मिट्टी का कटाव रोकती हैं और उसेसदा उपजाऊ बनाए रखती है।पलसानिया ने अपने अनुभव साझाकरते हुए कहा कि जिस खेत मेंखेजड़ी होती है, वहां फसलें बेहतरहोती हैं।इसे देखते हुए राज्य सरकारखेजड़ी की सुरक्षा के किए त्वरितकानून में समयानुरूप बदलाव करे।


