खैरागढ़ के डोकराभाठा धान उपार्जन केंद्र पर लगातार तीसरे दिन धान खरीदी बंद रही, जिससे सैकड़ों किसान परेशान हैं। आरोप है कि महीनों पहले टोकन कटवाने के बावजूद किसान जब ट्रैक्टरों में धान भरकर केंद्र पहुंचे, तो जगह की कमी बताकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। जानकारी के अनुसार, डोकराभाठा समिति के अंतर्गत संचालित खरीदी केंद्र पर 6 और 7 जनवरी को एक दाना भी धान की तौल नहीं हो सकी। 8 जनवरी को भी खरीदी पूरी तरह बंद रही। बताया जा रहा है कि उपार्जित धान के उठाव में भारी देरी इसकी मुख्य वजह है। केंद्र की बफर क्षमता करीब 62 हजार क्विंटल है, जबकि 15 नवंबर से अब तक यहां 66 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक केवल एक ट्रक से लगभग 2310 क्विंटल धान का ही परिवहन हो सका है। दिसंबर से बनी हुई है समस्या समिति प्रबंधन का कहना है कि दिसंबर माह से ही धान उठाव की समस्या बनी हुई है। अधिकारियों को लगातार पत्राचार कर परिवहन तेज करने की मांग की गई थी। प्रतिदिन 40 से 45 किसानों को टोकन जारी कर 6 से 7 हजार क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन परिवहन व्यवस्था समय पर नहीं सुधरी। मजबूरी में जोखिम उठाकर दूसरा फड़ भी शुरू किया गया, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि आगे खरीदी जारी रखना संभव नहीं है। प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल जिला प्रशासन के प्रेस नोट में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू बताया जा रहा है। दावा है कि जिले की 39 समितियों के 51 केंद्रों में लाखों मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और भुगतान किसानों को किया गया है।


