खैरागढ़ यूनिवर्सिटी में नए कुलपति की नियुक्ति पर विवाद:ABVP ने किया रातभर प्रदर्शन और नारेबाजी, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में प्रो. लवली शर्मा की कुलपति पद पर नियुक्ति का विरोध शुरू हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। ABVP कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के दोनों गेट पर रातभर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। सत्ताधारी दल से जुड़े छात्र संगठन के सामने पुलिस बल प्रयोग से बचती रही। रात में कुलपति लवली शर्मा से वार्ता का प्रयास विफल रहा। सुबह खैरागढ़ एडीएम और प्रभारी कुल सचिव प्रेम कुमार पटेल ने ABVP कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आंदोलन समाप्त किया गया। ABVP ने आंदोलन की चेतावनी दी यह विरोध प्रदर्शन भाजपा संगठन में आंतरिक समन्वय पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदेश स्तर के संघ और परिषद कार्यकर्ताओं ने आंदोलन रोकने का प्रयास किया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री के हस्तक्षेप के बाद आंदोलन में विराम लगा। ABVP के प्रदेश सह मंत्री अमन नामदेव ने चेतावनी दी है कि प्रो. लवली शर्मा की नियुक्ति रद्द न होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसमें खैरागढ़ बंद से लेकर प्रदेश बंद तक की कार्रवाई शामिल है। प्रो. लवली शर्मा की नियुक्ति रद्द करने की मांग ABVP का आरोप है कि प्रो. लवली शर्मा पर पूर्व में कई गंभीर आरोप लगे हैं। वे मध्य प्रदेश के ग्वालियर विश्वविद्यालय में संगीत एवं ललित कला संकाय की डीन के पद पर कार्यरत थीं, जहां उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच भी चल रही है। ABVP के प्रदेश सहमंत्री अमन बृज नामदेव द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में मांग की गई है कि विश्वविद्यालय की गरिमा और शुचिता बनाए रखने के लिए प्रो. लवली शर्मा की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। साथ ही, संगठन ने यह भी आग्रह किया है कि इस पद पर किसी योग्य, निष्कलंक और पारदर्शी छवि वाले व्यक्ति को नियुक्त किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल प्रशासन ने ABVP का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है, लेकिन अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। चूँकि मामला संवेदनशील और गंभीर होता जा रहा है, इसलिए यह आने वाले दिनों में विवाद का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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