ख्वाजा गरीब नवाज का 813वां उर्स शुरू हो गया है। राजनेताओं और बॉलीवुड की तरफ से आज दरगाह में चादर पेश की गई। इससे पहले बुधवार रात को चांद दिखने पर तोप के गोले दागकर उर्स का ऐलान किया गया। शादियाने और नगाड़े बजाए गए। जायरीनों ने एक-दूसरे को गले मिलकर उर्स की मुबारकबाद दी। दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान की सदारत में पहली महफिल की गई। मजार शरीफ को पहला गुस्ल दिया गया। बॉलीवुड और केंद्रीय मंत्री की चादर पेश
उर्स की शुरूआत के साथ देशभर से दरगाह में पेश करने चादर लाई जा रही है। आज केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार के अलावा बॉलीवुड की चादर को पेश किया गया। चादर पेश कर देश में शांति भाईचारा बने रहने की दुआ मांगी गई। बॉलीवुड की तरफ से अभिनेता सुबोध गुलाटी, सुमेर पसरीचा और शालीन मल्होत्रा चादर लेकर पहुंचे थे। वे दरगाह के निजाम गेट से कव्वालियों के जुलूस के साथ चादर को ख्वाजा के दरबार तक लेकर गए। चादर पेश करते हुए बॉलीवुड के लिए दुआ मांगी गई। खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने चादर पेश की। उन्होंने बताया- बॉलीवुड कलाकारों ने ख्वाजा गरीब नवाज से देश और फिल्म इंडस्ट्री की तरक्की की दुआ मांगी। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का संदेश पढ़ा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की चादर जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद साबिर खान लेकर पहुंचे। चादर पेश करने के बाद चिराग पासवान का बुलंद दरवाजे पर संदेश भी पढ़ा गया। संदेश में लिखा था- हमारे देश हिन्दुस्तान में ऐसे कई तीर्थ स्थान है, जहां हर धर्म और जाति के लोग आस्था के साथ आते हैं। ऐसा एक तीर्थ स्थान हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह की दरगाह अजमेर शरीफ में है। अनेक सूफी संतों, पीरों और फकीरों ने समय-समय पर हिन्दुस्तान को शांति, एकता, प्रेम और आपसी भाईचारे का पाठ पढ़ाया है। इंसानियत के प्रति हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की सेवा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। इस महान सूफी के 813वें वार्षिक उर्स के अवसर पर दरगाह अजमेर शरीफ पर चादर और फूल भेजकर मैं उनके प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करता हूं। अपने देश की खुशहाली और अमनचैन की दुआ मांगता हूं।
इंद्रेश कुमार की चादर पेश
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार की तरफ से दरगाह में मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश कर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के डेलिगेशन चादर लेकर अजमेर पहुंचा था। चादर पेश करने के बाद बुलंद दरवाजे पर संदेश पढ़ा गया। बड़े पीर साहब की पहाड़ी से तोप के गोले दागे
शहर काजी मौलाना तौसीफ अहमद सिद्दीकी और कमेटी के सदस्यों ने रात को बैठक की थी। कमेटी ने बैठक में रजब का चांद दिखाई देने का ऐलान किया था। बड़े पीर साहब की पहाड़ी से तोप के गोले दागे गए। उर्स का ऐलान होते ही शाहजहांनी गेट स्थित नक्कार खाने से शादियाने और नगाड़े बजाए गए। मध्य रात्रि को दिया पहला गुस्ल दरगाह के ऐतिहासिक महफिल खाना में रात को उर्स की महफिल की शुरुआत हुई। दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन की सदारत में इस महफिल में देश की अलग-अलग दरगाह के सज्जादगान और प्रमुख लोगों ने भाग लिया। दरगाह की शाही कव्वाल चौकियों के कव्वालों के साथ ही नागौर, सांभर और जयपुर की दरगाहों के पगड़ीबंध कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। मध्य रात्रि के बाद दरगाह दीवान गरीब नवाज की मजार को गुस्ल देने के लिए आस्ताना शरीफ पहुंचे। केवड़े व गुलाब जल से गुस्ल दिया। केंद्रीय मंत्री पेश करेंगे पीएम की तरफ से चादर 4 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दरगाह में चादर पेश होगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू चादर लेकर दरगाह पहुंचेंगे। इसे लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। एसपी वंदिता राणा ने बताया कि सभी जाब्ते को अलग-अलग एरिया में लगाया गया है। एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। उर्स की शुरुआत होते ही भीड़ का आना भी शुरू हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था का मौका मुआयना किया है। शांति व्यवस्था बनी रहे इसे लेकर सभी जवानों अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री की चादर भी सुरक्षा घेरे में ही चढ़ाई जाएगी। उर्स के कुल की रस्म 7 को रजब की पहली 2 जनवरी आज है। इस हिसाब से गरीब नवाज के 813वें उर्स का कुल 7 जनवरी को होगा। इसके साथ ही जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा। बड़ा कुल 10 जनवरी को होगा। इसके साथ ही उर्स का समापन हो जाएगा। इधर, पाकिस्तान के जायरीन का दल 6 जनवरी को अजमेर पहुंचेगा।


