भास्कर न्यूज | अमृतसर गंगा दशमी पर वीरवार को दुर्ग्याणा का स्थापना दिवस मनाया गया। कमेटी की ओर से मनाए स्थापना दिवस दौरान सुबह ठाकुर जी समेत राम परिवार और राधा कृष्ण जी के दुग्ध स्नान करवाया गया। मंदिर के मुख्य पंडित ओमप्रकाश समेत अन्य पंडितों ने मिलकर मंत्रोच्चारण करके ठाकुर जी के दुग्ध से स्नान कराए। इसके बाद ठाकुर जी को नए वस्त्र धारण करवा शृंगार किया गया। इसी दौरान प्रसिद्ध भजन गायकों की ओर से ठाकुर जी को रिझाने के लिए हरिनाम संकीर्तन किया गया। वहीं शाम के समय ठाकुर जी का नौका विहार करवाया गया। इसमें फूलों से सजी नौका में ठाकुर जी को विराजमान किया गया। करीब एक घंटे तक नौका विहार में भक्तों की ओर से ठाकुर जी पर फूलों की वर्षा की। जबकि शाम 7.30 बजे ठाकुर जी आरती और 7.45 बजे गंगा आरती की गई, जिसमें पंडितों की ओर से मिलकर सरोवर की गंगा आरती की गई। वहीं शहर के भक्तों की ओर से भी सरोवर के 11000 दीपों से दीपदान किया। इसके बाद भजन मंडलियों द्वारा ठाकुर जी का गुणगान किया गया। गणेश वंदना से शुरू किए संकीर्तन के बाद भजन गायकों ने जब से सांवरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले-बल्ले समेत कई भजन गाए गए। दुर्ग्याणा कमेटी की ओर माथा टेकने आए भक्तों को कई तरह का प्रसाद भेंट किया गया। गौर हो कि दुर्ग्याणा के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में सभी विग्रहों की स्थापना गंगा दशमी के दिन किया गया था। इसी कारण कमेटी की ओर से दुर्ग्याणा का स्थापना दिवस गंगा दशमी के दिन मनाया जाता है। इस मौके पर कमेटी की प्रधान लक्ष्मीकांता चावला, महासचिव अरुण खन्ना, वित्त सचिव, बिमल कुमार, मैनेजर अनिल शर्मा संजीव खन्ना संजय मेहरा समेत कई भक्तजन मौजूद रहे।


