कोटा| इंद्रविहार स्थित आईएल कॉलोनी मंदिर में श्री रामकथा के दौरान केवट प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक सौरभ कृष्ण महाराज ने कथा में रामगमन तथा गंगा पार करते हुए केवट संवाद का मार्मिक वर्णन किया। मेरी नैया में लक्ष्मण राम, चारों धाम, गंगा धीरे बहो … आदि भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। राम कथा में उन्होंने राम चरण रज को लेकर केवट की नाव के पाषाण बनने की आशंकाओं का शब्दों से बहुत ही सुन्दर वर्णन किया। राघव चरण छुआ लो, ये तो कर दे भवन से पार…। सौरभ कृष्ण महाराज ने राम के चरित्र के बारे में कहा कि पाषाण रुपी पर्वत से ही रसधारा निकल कर नदियां निकलती है। प्रसंग के अनुसार केवट की झांकी से कथा जीवंत हो गई। कथा आरती में इंद्र विहार सोसायटी के राजकुमार माहेश्वरी मुख्य अतिथि रहे। आईएल मंदिर समिति के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, संरक्षक सुरेंद्र शर्मा, मोहन पंचौली, ताराचंद गुप्ता, छुट्टनलाल शर्मा, पुष्पा गट्टानी ने अतिथियों का स्वागत किया। गुरुवार को कथा में भरत चरित्र और भगवान का शबरी के बैर खाने के प्रसंग का वर्णन होगा।


