गंजेनार में भी अब बोटिंग, इसके जरिए युवाओं को रोजगार भी

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में पर्यटन बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। गंजेनार डैम में लंबे समय से प्रतीक्षित बोटिंग सुविधा की आधिकारिक शुरुआत कर दी गई है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस डैम में बोटिंग शुरू होने से दंतेवाड़ा अब पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूती से पहचान बना रहा है। गंजेनार डैम में बोटिंग प्रारंभ करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर शामिल हुईं। उनके साथ जनप्रतिनिधि रमेश गावड़े, रामूराम नेताम, सरपंच, उपसरपंच, जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के सीईओ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और आमजन मौजूद रहे। मुख्य अतिथियों ने डैम में बोटिंग को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया और कहा कि यह कदम जिले के पर्यटन विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि गंजेनार डैम का प्राकृतिक सौंदर्य पहले से ही लोगों को आकर्षित करता रहा है, लेकिन अब बोटिंग सुविधा जुड़ने से यह स्थान पर्यटन की दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बन जाएगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को मनोरंजन का नया साधन मिलेगा, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी। प्रशासन ने बताया कि गंजेनार डैम में बोटिंग की सुविधा प्रतिदिन सुबह 6 से शाम 6 बजे तक आमजन के लिए उपलब्ध रहेगी। यहां सुरक्षा के सभी मानकों का पूरा ध्यान रखा गया है। लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित स्टाफ और निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि पर्यटकों का अनुभव सुरक्षित और आनंददायक रहे। बोटिंग की इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। बोट संचालन, सुरक्षा प्रबंधन, टिकट काउंटर, रखरखाव और पर्यटन से जुड़ी अन्य सेवाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिल सकेगा और रोजगार की तलाश में होने वाले पलायन पर भी रोक लगेगी। पर्यटन की नई संभावनाएं गंजेनार डैम को आगे पिकनिक स्पॉट, प्रकृति भ्रमण स्थल, वाटर टूरिज्म और स्थानीय संस्कृति के प्रदर्शन से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। इससे दंतेवाड़ा जिले की छवि में सकारात्मक बदलाव आएगा और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। अधिकारियों का मानना है कि बोटिंग की यह शुरुआत दंतेवाड़ा में विकास, रोजगार और पर्यटन को एक साथ जोड़ने वाला सफल मॉडल बनकर उभर सकती है। आने वाले दिनों में इस प्रयास को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

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