अलवर शहर के वार्ड 61 में रेलवे लाइन के आसपास से गंदे पानी की लाइन देखकर बीजेपी के पार्षद सतीश यादव चौक गए। मौके पर आए तब भी यह पता नहीं चल सका कि गंदा पानी कहां जा रहा है। जलदाय विभाग के कर्मचारियों को बुलाया तो उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए। कोई यह नहीं बता सका कि नाले में लगी मोटर से पाइप के जरिए गंदा पानी कहां पहुंच रहा है। जबकि आसपास कोई खेती नहीं है। आबादी का एरिया है। इसलिए लोग डरे हुए हैं कि गंदे पानी का इस्तेमाल कहां हो रहा है। लेकिन बाद में कुछ लोगों ने मिलकर गंदे नाले के अंदर से पानी की मोटर को हाथों से खींचकर बाहर निकाला। जैसा पार्षद सतीश यादव ने देखा – पार्षद 61 के पार्षद सतीश यादव ने बताया कि रात को उनके मोबाइल पर वार्ड के किसी जागरूक व्यक्ति ने दो वीडियो भेजे। कहा कि पानी की लाइन लीकेज है तेजी से पानी निकल रहा है। तब लगा कि रात को पानी की सप्लाई नहीं होती है। कहां लीकेज हो सकता है। सुबह उस जगह आकर देखा तब भी पानी की लाइन में लीकेज था। उस लाइन के साथ-साथ आए तब पता चला कि यह लाइन तो गंदे नाले से निकल रही है। यहां पर चेन पुलि व मोटर लगी है। जो दिख भी नहीं रही है। ऊपर पेड़ की टहनी से चेन पुलि लगी है। फिर जलदाय विभाग के कर्मचारी को बुलाया उसके बाद जलदाय विभाग के कर्मचारी को मौके पर बुलाया। उन्होंने भी यही कहा कि यह पेयजल की लाइन नहीं है। यह तो गंदा पानी ले जाया जा रहा है। अब गंदा पानी कहां पहुंच रहा है। इसका पता नहीं चल सका। असल में आसपास में कोई खेती भी नहीं हो रही। ताकि अनुमान लगाया जा सके कि पानी कहां जा रहा है। पार्षद ने कहा कि इसकी जांच तुरंत की जानी चाहिए। यह जहरीला पानी जहां भी जा रहा है खतरनाक हो सकता है। कहीं खेत में भी पहुंच रहा है तो आमजन के लिए घातक है। लेकिन आसपास के खेत नहीं होने से डर अधिक पैदा हो गया है।


