गंभीर मरीजों को हेलीकॉप्टर से लाने के लिए सदर अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में बनेगा हेलीपैड

राज्य सरकार ने विधानसभा सत्र के दौरान जो भी घोषणाएं की हैं, अगर पूरी हो जाए तो निश्चित ही राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की दशा बदल जाएगी। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि रिम्स समेत राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेज और सभी जिला अस्पतालों में हेलीपैड बनाया जाएगा। ताकि गंभीर मरीजों को सड़क मार्ग से एंबुलेंस में चिकित्सा संस्थान तक लाने में जाम के चक्कर में गोल्डन पीरियड बर्बाद न हो। गंभीर मरीजों के लिए राज्य सरकार हेलीकॉप्टर एंबुलेंस की व्यवस्था कर रही है। यदि कोई रोगी गोड्‌डा के जिला अस्पताल में इलाजरत है, स्थिति गंभीर है तो आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस के माध्यम से लोगों को उच्चतर चिकित्सा संस्थानों में इलाज के लिए भेजा जाएगा। क्या होगा फायदा… राज्य में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस की सेवा शुरू होने से गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थान पहुंचने में समय की बचत होगी। वर्तमान में 30 से 35% गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचने के क्रम में रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। हेलीकॉप्टर एंबुलेंस से किसी भी जिले से मेडिकल कॉलेज तक अधिकतम आधे घंटे में पहुंचा जा सकेगा। सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों के लिए यह वरदान साबित होगा।

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