भास्कर न्यूज| राजनांदगांव धान खरीदी के दौरान प्रशासन के द्वारा कोचियों और अवैध रूप परिवहन कर्ताओं पर कार्रवाई की जा रही है। इसी एक नया मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है। छुरिया क्षेत्र के खोभा राजस्व मंडल के गांव गोपालपुर में एक बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई। जिस जमीन को लीज पर दिया गया है, उसे रेगहा में देकर धान बेचने के लिए रकबे का पंजीयन करा दिया गया है। मामले में प्रशासन ने जांच की तो पाया कि लीज धारक के द्वारा किसी अन्य को और उसके द्वारा एक दर्जन किसान को धान उत्पादन के लिए जमीन रेगहा में दी गई है। मामले में प्रशासन ने रकबा समर्पण कराया है। बताया गया कि गोपालपुर में राजगामी संपदा न्यास की भूमि खसरा नंबर 77/1, 243, 247 और 277 की भूमि को आशा सोनी पति दामोदर दास निवासी खोभा के नाम धान बिक्री के लिए खोभा सोसाइटी में पंजीकृत किया गया है। मौके पर जांच में पता चला कि भूमि को कृषि कार्य के लिए संबंधित विभाग से लीज में ली गई है। 2025-26 में धान बोने के लिए सभी भूमि को गांव के ही किसान उमेश्वर पिता समलिया चौधरी को 3 लाख 50 हजार रुपए के रेगहा में दिया गया है। इसके बाद उमेश्वर ने गांव के ही हुमन, धनसिंह, परमेश्वर, पुना राम, एवन, सेउक, घसिया कार्तिक, बालाराम, शत्रुहन, बेलसिया, सनपत, कृपा को रेगहा में कृषि कार्य के लिए दे दिया गया।


