गढ़वा | गढ़वा शहर के सोनपुरवा मोहल्ला के तालाबों के अस्तित्व पर गहराते खतरे को लेकर शुक्रवार को गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में डीसी दिनेश यादव से मुलाकात कर क्षेत्र से जुड़ी कई ज्वलंत समस्याओं को उठाया और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। इस दौरान विधायक ने उपायुक्त को एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विधायक ने सोनपुरवा क्षेत्र में स्थित तीन छोटे तालाबों में मिट्टी भराई कर उन्हें समाप्त करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में पहले से ही जलस्रोतों की भारी कमी है और ऐसे में तालाबों को नष्ट करना भविष्य में गंभीर जलसंकट को जन्म दे सकता है। विधायक ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा लगातार विरोध किए जाने के बावजूद नगर परिषद की कथित मिलीभगत से तालाब में ही मिट्टी भरकर नगर परिषद कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने उपायुक्त को अवगत कराया कि सोनपुरवा स्थित यह तालाब पूर्व में मत्स्य विभाग के अधीन था और लंबे समय तक इसका उपयोग मछली पालन के लिए किया जाता रहा है। यह तालाब न केवल जलसंचयन का एक महत्वपूर्ण स्रोत था, बल्कि इससे कई स्थानीय परिवारों की आजीविका भी जुड़ी हुई थी। उन्होंने उपायुक्त से तालाब में बनाए जा रहे नगर परिषद कार्यालय के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। विधायक ने इसकी जानकारी राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और नगर विकास विभाग के सचिव को भी पत्र लिखकर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस प्रकरण में शीघ्र हस्तक्षेप कर तालाबों के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और आम जनता के हितों के लिए हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।


