गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से ठीक पहले देश में आतंकी गतिविधियों और खालिस्तानी हलचल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में रेलवे ट्रैक पर हुए भीषण RDX धमाके और दिल्ली की दीवारों पर लिखे गए ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारों ने एक बड़े खतरे का संकेत दिया है। प्रतिबंधित संगठन SFJ के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की धमकियों के बीच दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं इसके अलावा पन्नू के स्लीपर सेल्स की तलाश तेज कर दी गई है। देश की राजधानी दिल्ली के कंझावला इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक प्राइमरी स्कूल की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिखे मिले। इन नारों के पीछे खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू का हाथ बताया जा रहा है। अमेरिका में बैठा आतंकी पन्नू लगातार भारत विरोधी गतिविधियां चला रहा है। हाल ही में उसने एक वीडियो जारी कर दिल्ली में पोस्टर और नारे लगवाने की जिम्मेदारी ली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पंजाब में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका खालिस्तानी नारों के बीच पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से आई खबर ने सुरक्षा तंत्र को और भी ज्यादा चिंता में डाल दिया है। यहां रेलवे ट्रैक पर एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। इस ब्लास्ट से ट्रैक के परखच्चे उड़ गए। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या पंजाब का यह ब्लास्ट और दिल्ली में लिखे गए नारे किसी बड़ी साझा साजिश का हिस्सा हैं। शुरुआती संकेत दोनों घटनाओं के तार खालिस्तानी आतंकवाद से जुड़ने की ओर इशारा कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर 26 जनवरी को देखते हुए पूरे देश, खासकर दिल्ली और पंजाब में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पन्नू के वीडियो में दी गई धमकियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पन्नू के उन स्लीपर सेल्स को ट्रैक कर रही हैं, जो स्थानीय स्तर पर इन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी गई है।


