रांची | हरमू रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि के आध्यात्मिक ज्ञान व राजयोग प्रशिक्षण केंद्र में गणेश चतुर्थी पर विशेष प्रवचन का आयोजन किया गया। केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने गणेश जी के स्वरूप में छिपे आध्यात्मिक रहस्यों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि गणपति का स्वरूप दिव्य कर्तव्यों का प्रतीक है। जब धरा पर अधर्म और पापाचार बढ़ता है, तब निराकार शिव परमात्मा ज्ञान दान के लिए श्री गणेश का आवाहन कर संसार को ज्ञानवान बनाता है। गणेश ज्ञान, बुद्धि और विवेक के प्रतीक हैं। आज के समय में हमें गणपति की तरह बुद्धि और शक्ति धारण करने की आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि गणेश का हाथीमुख विशाल बुद्धि का प्रतीक है। उनकी सूंड यह दर्शाती है कि व्यक्ति को जीवन में गहराई से परखने और छोटे-बड़े कार्य करने में समान दक्षता रखनी चाहिए। बड़े कान सुनने की क्षमता और जिज्ञासा के प्रतीक हैं।


