गणित को चुनौती नहीं रोमांचक रूप में देखें और पहचानें: करुणा

भास्कर न्यूज| महासमुंद शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद में विज्ञान संकाय द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय गणित दिवस आयोजित है। रजत जयंती वर्ष और “छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी), डीएसटी, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा उत्प्रेरित एवं समर्पित” से 19 से 22 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय गणित दिवस कार्यक्रम प्रथम दिवस शुक्रवार को भाषण एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रामानुजन श्रीनिवासन एवं मां सरस्वती की छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्षता करुणा दुबे प्राचार्य ने किया। छात्राओं ने अतिथि का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य करुणा दुबे ने कहा कि गणित के प्रति उत्साह जगाना और छात्रों को प्रेरित करना ही इनका उद्देश्य है। हम महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को याद करें, जिन्होंने अपने अद्वितीय गणितीय कौशल से दुनिया को आश्चर्यचकित किया। गणित हमारी दैनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और यह विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में भी बहुत महत्वपूर्ण है। हम गणित को एक चुनौती के बजाय एक रोमांचक अवसर के रूप में देखें और अपने जीवन में गणित की शक्ति को पहचानें।” अधिक से अधिक बच्चे गणित में रुचि दिखाएं और अपने भविष्य का निर्माण करें। 12 साल उम्र में त्रिकोणमिति में महारत: मनीराम धीवर ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय गणित दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गणित दिवस मनाने के उद्देश्य को भी बताया कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां गणित के प्रति भय को दूर करती है। और तार्किक चिंतन, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता को सृदृढ़ करती है। श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के इरोडा में हुआ था। बचपन से ही वे गणित में रुचि रखते थे। जब वे 12 साल के हुए तब तक उन्होंने त्रिकोणमिति में महारत हासिल कर ली थी। इसी के चलते कुंभकोणम के सरकारी कला महाविद्यालय में छात्रवृत्ति प्रदान की गई। भाषण स्पर्धा में अख्तरून निशा अव्वल, हिमाद्रि द्वितीय स्थान पर: भाषण प्रतियोगिता में दुर्गा बरिहा, टीना निषाद, डोमेश्वरी, हिमाद्रि चक्रधारी, अख्तरून निशा, गीताजंली निषाद ने अपने भाषण प्रस्तुत किया। इसमें प्रथम स्थान अख्तरून निशा बीएससी अंतिम वर्ष गणित रही। द्वितीय स्थान दुर्गा बरिहा बीएससी प्रथम सेमेस्टर गणित ने प्राप्त किया। इसी तरह तृतीय स्थान हिमाद्रि चक्रधारी बीएससी अंतिम वर्ष गणित रही। भाषण के निर्णायक प्रदीप कन्हेर विभागाध्यक्ष रसायनशास्त्र, रुपावती अतिथि व्याख्याता गणित एवं प्रकाशमणि साहू जनभागीदारी व्याख्याता रसायनशास्त्र रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *