छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में आग में झुलसने से ससुर और बहू की मौत हो गई। ठंड से बचने के लिए गोरसी में आग जलाते समय यह हादसा हुआ। दोनों इस हादसे में 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे, इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। घटना 23 दिसंबर 2024 की है। ठंड से बचने के लिए सिन्हा परिवार ने अपने घर में गोरसी जलाई, तभी केरोसिन डालते समय आग भभक उठी और जोरदार विस्फोट हो गया। घटना के 48 दिन बाद दोनों की मौत हो गई। विधि विधान से अंतिम संस्कार गरियाबंद मुक्तिधाम में शनिवार को विधि-विधान से अंशु राम सिन्हा (70) और उनकी बहू वीणा सिन्हा (34) का अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद रहे। केरोसिन डालते ही भभक उठी थी आग पुलिस के मुताबिक, 23 दिसंबर की सुबह ठंड से बचने के लिए गोरसी में आग जलाते समय यह हादसा हुआ। अंशु राम ने जब आग तेज करने के लिए बहू वीणा से केरोसिन डालने को कहा, तब केरोसिन डालते ही डिब्बे में आग भभक उठी और जोरदार विस्फोट हो गया। हादसे में दोनों 70 प्रतिशत तक झुलसे इस हादसे में दोनों 70 प्रतिशत तक झुलस गए। दोनों को तुरंत रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 7 फरवरी को पहले बहू वीणा ने दम तोड़ा और उसके एक घंटे बाद ससुर अंशु राम की भी मृत्यु हो गई। सेवानिवृत्त ब्रांच मैनेजर ससुर आज जब दोनों की अर्थियां एक साथ उनके पुराना मंगल बाजार स्थित घर से उठीं, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। बता दें कि अंशु राम सिन्हा जिला सहकारी बैंक से सेवानिवृत्त ब्रांच मैनेजर थे।


