भास्कर न्यूज | जालंधर मुबारकपुर कृष्णा नगर एन्क्लेव में गलत रजिस्ट्रियों को लेकर शिकायत की रिपोर्ट अब चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। जांच अधिकारी तहसीलदार ने मामले को लेकर पड़ताल शुरू की है। जालंधर तहसीलदार-1 की तरफ से जो रिपोर्ट तैयार की गई है, उसमें जेडीए की जिस चिट्ठी का जिक्र है, उसमें आरसी पर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं। रिपोर्ट में उस चिट्ठी का पूरा जिक्र किया गया है कि किस तरह चिट्ठी किस तारीख को किस मुलाजिम के पास पहुंची और उसका पूरा रिकॉर्ड भी बताया गया है। 1 सितंबर 2021 को तहसीलदार जालंधर-1 में पत्र एक महिला क्लर्क द्वारा रिसीव किया जिसका जिक्र रजिस्टर्ड में है और वहां से पत्र तहसीलदार की तरफ से आरसी व दफ्तर कानूनगो को मार्क किया गया है। यहां से पत्र कानूनगो अश्वनी कुमार और फिर फील्ड कानूनगो जालंधर-1 अजीत सिंह को 8 सितंबर 2021 को मिला, यहां से पटवारी विशाल कुमार सर्कल सेखों को भेजा लेकिन पटवारी ने इसका कोई भी रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया। पटवारी सर्किल सेखों से यह पत्र दोबारा फील्ड कानूनगो को 22 सितंबर को मिला। यहां से यह पत्र उस समय के दोनों आरसी सब-रजिस्टरार जालंधर-1 को भेजा गया था। जेडीए की तरफ से जिस जगह की रजिस्ट्रियों पर रोक लगाई थी उसी जगह पर 110 रजिस्ट्रियां कर दी गईं, अब इसकी जांच चंडीगढ़ से खुल चुकी है जिसे बाउंड्री सेल द्वारा के तहसीलदार स्तर के अधिकारी द्वारा किया जा रहा है। इस मामले में लगातार 5 साल तक गलत तरीके से रजिस्ट्रियां होती रहीं और आखिरी बार साल 2025 में भी 2 से 3 रजिस्ट्रियां की गईं। मामले में चंडीगढ़ से साल 2021 में सब-रजिस्ट्रार से लेकर उस समय के आरसी की जांच भी की जा रही है और डिटेल तलब की गई है। इसके अलावा सभी डायरी डिस्पैच रजिस्टर, 110 रजिस्ट्रियों के खसरा नंबर, फर्द और कई रिकार्ड को तलब किया गया है।


