बाड़मेर जिले के बायतु इलाके भोजासर समेत आसपास के गांवों में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन के मुआवजे को लेकर चल रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर सहमति बन गई है। सोमवार देर रात प्रशासन और किसानों के बीच हुई वार्ता के बाद कूच स्थगित कर दिया है। इससे पूर्व सोमवार शाम को बायतु से रवाना होकर बाड़मेर आ रहे किसानों को टोल प्लाजा पर रोक दिया। इसके बाद किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई। इस बातचीत में सहमति बनने के बाद किसान ट्रैक्टर लेकर अपने गांव के लिए रवाना हो गए। आरएलपी नेता जालाराम पालीवाल ने कहा- प्रशासन ने हमें आश्वासन दिया कि जब तक किसानों की सकारात्मक मुआवजे को लेकर बात नहीं बनती है, तब तक बायतु तहसील के किसी गांव में हाईटेंशन लाइन बिछाने का काम नहीं होगा। इसके बाद सकारात्मक रिजल्ट नहीं निकला तो आगामी दिनों में बाड़मेर कलेक्ट्रेट की ओर कूच करेंगे। इसलिए हो रहा था विरोध दरअसल, बायतु इलाके में कंपनियां किसानों को बिना मुआवजे दिए खेत में पोल डालने का काम कर रही है। जबरदस्ती तरीके से चार दिन पहले भोजासर के अंदर दस से ज्यादा किसानों को गिरफ्तार किया गया था। इसके विरोध में भोजासर से बाड़मेर कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे थे। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि किसानों की यही मांग है कि हमारी जमीन का मुआवजा दिया जाए। इसके बाद जब प्रशासन के अधिकारी वार्ता के लिए नहीं आए तो बाड़मेर कलेक्ट्रेट के लिए कूचल किया गया था। लेकिन, निम्बाणियों की ढाणी के पास किसानों और महिलाओं को रोक दिया गया था। वार्ता के लिए आया प्रशासन किसान जोगाराम भोजासर ने बताया- हमारी मांगों पर जिला प्रशासन से जिला परिषद सीईओ, एसडीएम यशार्थ शेखर, कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई है। तब तक प्रशासन ने लिखित में दिया है कि आपके क्षेत्र में जो कंपनियां काम कर रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिन के अंदर डीएम मैडम के साथ मीटिंग करवा देंगे। तब लिखित में दिया है कि सकारात्मक हल नहीं निकल जाता है तब कंपनियां बायतु क्षेत्र में काम नहीं करेगी। हम सभी जनप्रतिनिधि मांग पत्र बनाकर डीएम को बताएंगे। भोजासर के अंदर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। बाड़मेर कलेक्ट्रेट कूच को स्थगित किया है। बायतु विधायक ने किया ट्वीट एमएलए हरीश चौधरी बायतु क्षेत्र वाजिब मांगो को लेकर आंदोलनरत किसानो के साथ पुलिस व प्रशासन गेर कानूनी कार्रवाई कर रहे है जो उचित नहीं है। किसानो की अवाप्त जमीन के पर्याप्त मुआवजे के लिए नियमों में बदलाव के लिए भी हम प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने कंपनी के साथ मिलकर यदि किसानो की आवाज को दबाने का प्रयास किया तो हम इसको कतई बर्दाश्त नही करेंगे। ये खबर भी पढ़ें… पुलिसकर्मियों से भिड़ीं महिलाएं:धक्का-मुक्की हुई; ट्रैक्टर रोके तो किसान धरने पर बैठे; मुआवजा मांगने जा रहे थे
जमीन का मुआवजा मांगने के लिए बाड़मेर जा रहे किसानों को पुलिस ने रोक लिया। किसान और महिलाएं आगे बढ़ने लगी तो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। महिलाएं भी अड़ गई और धक्का-मुक्की करने लगी। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी को धकेलते हुए आगे निकल जाती है। मामला बाड़मेर के बायतु का है। गुस्साए किसान टोल पर ही बैठ गए। (पढ़े पूरी खबर)


