अलवर के निकट डहरा शाहपुरा कॉपरेटिव सोसायटी के जरिए आसपास के कई गांवों के सैकड़ों के किसानों के अंगूठे लगवाकर मोटी रकम उठाने के मामले में अब विभागीय जांच शुरू हो गई। गांव के लोगों को होपसर्कस स्थित बैंक शाखा बुलाकर उनके बयान लिया। तब गांव वालों ने कहा कि हम मर जाएंगे लेकिन इस सचिव ताेताराम को जेल भिजवाएंगे। जिसने हमारे झूठे अंगूठे लगवाकर मोटी रकम उठाई है। एक महिला ने कहा कि 13 हजार रुपए थे अब 40 हजार मांगे जा रहे। दूसरे किसान ने कहा कि केवल 24 हजार रुपए उठाए अब बैंक कह रहा 65 हजार रुपए लिए हैं। ऐसा सैकड़ों किसानों के साथ हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार घोटाला जुलाई 2025 में किया है। जिसकी शिकायत के बाद अब विभागीय जांच शुरू हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सोसायटी के सचिव तोताराम ने गड़बड़ी कराई है। वो ऊपर के अधिकारियों को मैनेज करने में लगा है। ग्रामीण फूल सिंह ने कहा 29 हजार रुपए की जगह 65 हजार मांग रहे ग्रामीण फूल सिंह ने कहा कि 29 हजार रुपए लिए और अब 65 हजार रुपए बकाया बता रहे हैं। एक बार में 25 हजार रुपए लिए थे। एक बार में 4 हजार रुपए लिए थे। अब बैंक के अनुसार 65 हजार रुपए बकाया बता रहे हैं। बैंक वालों ने बयानों के लिए बुलाया है। इसलिए अलवर होपसर्कस पर आकर बयान दिए हैं। महिला बीरमती ने कहा बेटी के शादी से पहले नया कर्ज मिल गया महिला बिरमती देवी ने कहा कि साढ़े 13 हजार रुपए मिले थे। वो भी चार साल पहले मिले थे। अब पता लगा कि 40 हजार रुपए हो गए। जबकि बैंक में बिना ब्याज का पैसा मिलता है। बैंक में आने पर पता चला कि यह रकम बकाया चल रही है। मेरी बेटी की शादी है। यह नया कर्जा आ गया। हम कहां से देंगे। मैं तो मर जाऊंगी लेकिन इतना कर्ज नहीं दिया जाएगा। इमरत बास के रामप्रसाद ने कहा कि तोताराम का जाल है। उसने ही गड़बड़ी की है। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। ताेताराम को जेल भिजवाएंगे। यहां जांच करने के लिए बुलाया है। हम तोताराम को नाम लिखकर जाएंगे। तब मर जाएंगे। ग्रामीण ने बताया- कैसे उनके खाते से पैसे उठाए शाहपुरा गांव निवासी मोहनलाल ने कहा कि साल में दो बार अंगूठा लगवाकर किसानों को को-ऑपरेटिव सोसाइटी के जरिए बिना ब्याज का पैसा मिलता है। कुछ समय के बाद सरकार के स्तर पर लोन की रकम बढ़ाई जाती है। यहां ये हुआ है कि किसान से कहा गया कि उनका कोई पैसा नहीं बढ़ा। जबकि सरकार से पैसा बढ़कर आया। लेकिन किसानों को पुराने हिसाब से अंगूठा लगवाकर पैसा दिया गया, बाकी का पैसा खुद ने रख लिया। इस तरह सैकड़ों किसानों का पैसा हड़प लिया गया। अब किसान के पास रिकवरी का नोटिस आया तो इस खेल का पता चला है। दूसरे किसान ने कहा- करीब डेढ़ करोड़ रुपए उठा लिए किसान तेज सिंह ने बताया कि करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए गबन का मामला है। असल में किसानों को को-ऑपरेटिव सोसाइटी से बिना ब्याज का पैसा मिलता है। सोसाइटी के सचिव और अन्य पदाधिकारियों ने किसानों को 10 हजार रुपए मिलना बताया। यह रकम साल दर साल बढ़ती जाती है। मामले में तोताराम और चरण सिंह ने गड़बड़ी की किसानों ने कहा कि इस मामले में सोसाइटी के संचालक खुशवंत, सचिव तोताराम और सहायक चरण सिंह ने गड़बड़ी की है। इसकी जांच के लिए एमडी से मिल चुके हैं। उन्होंने जांच कराने की बात की है।


