गिरता जलस्तर कृषि के लिए खतरा

लुधियाना| पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) का किसान मेला पटियाला स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि पंजाब राज्य किसान एवं खेत मजदूर आयोग के चेयरमैन डॉ. सुखपाल सिंह ने पीएयू की तकनीकी प्रगति और किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य की कृषि नीति किसानों को संकट से उबारने के लिए रणनीतिक योजनाओं और ठोस समाधान पर केंद्रित रहेगी। पीएयू के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से धान की जल्दी बुवाई से बचने और पीएयू द्वारा अनुशंसित कम अवधि वाली किस्में पीआर 126 और पीआर 132 अपनाने की अपील की। पंजाब का गिरता जलस्तर कृषि के भविष्य के लिए खतरा है। जल संरक्षण के लिए डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) और बेड प्लांटिंग जैसी तकनीकों को अपनाने की जरूरत है।

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