सलूंबर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम-2026) के सफल आयोजन और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गिरदावर सर्किल स्तर पर विशेष ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों की शुरुआत 23 जनवरी (बसंत पंचमी) को हुई। खेराड, बनोडा, कुण, केजड और टोकर में आयोजित इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ये शिविर दो चरणों में 24, 25, 31 जनवरी तथा 1, 5, 6, 7, 8 और 9 फरवरी को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य कृषकों और पशुपालकों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं का सीधा, त्वरित और पारदर्शी लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। शिविरों में ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) गारंटी अधिनियम-2025 के तहत आवश्यक विकास कार्यों के प्रस्ताव भी लिए जाएंगे। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्च और सौर पंप संयंत्र की स्वीकृतियां जारी की जाएंगी। बैलों से खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, फसल बीमा और एमएसपी की जानकारी भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, सॉइल हेल्थ कार्ड का वितरण, सोलर पंप और पॉलीहाउस के आवेदन तैयार करने के साथ-साथ बीज और मिनी किट वितरण का सत्यापन भी किया जाएगा। कृषि विपणन विभाग द्वारा पीएमएफएमई के आवेदन तैयार किए जाएंगे, मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण होगा और किसान विश्राम स्थल निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। सहकारिता विभाग ने 23 जनवरी को मुख्यमंत्री किसान निधि का डीबीटी, किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन, एनसीओएल एवं एनसीईएल सदस्यता, नवीन गोदाम निर्माण, सहकारी बैंक खाते, स्वयं सहायता समूहों के ऋण, 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना और कस्टम हायरिंग सेंटर से संबंधित कार्य किए। पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पंजीकरण, पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु आहार एवं खनिज मिश्रण का वितरण और गौशाला विकास योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी।


