गिरफ्तारी का विरोध- एसोसिएशन बोला- हड़ताल करेंगे:डॉक्टर के बचाव में IMA… सवाल- मासूमों को ‘मौत’ लिखने वाला कौन?

बच्चों को कफ सिरप लिखने वाले छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी के विरोध में अब डॉक्टर्स उतर आए हैं। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) और प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि सिरप की मंजूरी और गुणवत्ता की जिम्मेदारी ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम की है, डॉक्टर की नहीं। प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संठगन का आरोप है कि गिरफ्तारी से डॉक्टर्स में डर का माहौल है। यह कदम नियामक एजेंसियों, फार्मा कंपनी की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश है। बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एक्यूट ट्यूबुलर नेक्रोसिस, किडनी फेलियर और डीईजी क्रिस्टल्स’ मिले हैं, जिससे साफ है कि मौत का कारण डॉक्टर की दवा लिखने की गलती नहीं, बल्कि दवा में मिला जहरीला केमिकल था। हालांकि, सच यह है कि दवा की गुणवत्ता जांचना भले ही डॉ. प्रवीण सोनी की जिम्मेदारी न हो, लेकिन बच्चों के इलाज में उन्होंने कई गलतियां कीं…। गलती 1… 4 साल से छोटे बच्चों को ये दवा नहीं दे सकते थे, फिर भी डॉक्टर प्रवीण ने ये सिरप लिखी
Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine HCl कॉम्बिनेशन वाला कफ सिरप 4 साल से छोटे बच्चों को नहीं दे सकते। फिर भी डॉ. प्रवीण सोनी ने इसे लिखा। जिन 19 बच्चों की जान गई, उनमें से 14 की उम्र 4 साल से कम थी। गलती 2… सरकारी डॉक्टर, लेकिन पत्नी के नाम मेडिकल स्टोर, यहीं से सारी सप्लाई…
छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ एसआर-13 बैच की 554 बोतलें जबलपुर से भेजी गई। 334 बोतलें न्यू अपना मेडिकल को दी गईं, जिनमें से 300 बिकीं। यह मेडिकल स्टोर डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी के नाम था। भतीजा राजेश सोनी चलाता था।

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