अतीतमंड गांव में खनन विभाग की टीम पर किए गए हमले के आरोप में गिरफ्तार आरोपी प्रशासक को छोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर घेराव कर प्रदर्शन किया। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ब्यावर के मिशन ग्राउंड में एकत्रित हुए, जहां से प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक रैली निकाली गई। रैली के रूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने वहां चार घंटे से अधिक समय तक धरना दिया। ग्रामीणों का कहना था मंगलवार को जब प्रशासक सर्वे करने आई टीम से बात कर रहे थे, उस दौरान विवाद हो गया जिसके बाद साकेत नगर थाना पुलिस प्रशासक को पकड़ थाने ले आई। उसके साथ मारपीट की गई। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, साकेत नगर थानाधिकारी के निलंबन की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि अतीतमंड क्षेत्र की जमीन पथरीली और पहाड़ी है, वहां खेती करना संभव नहीं है। ग्रामीण वर्षों से पत्थरों का खनन कर, बेचकर ही अपना जीवन चला रहे हैं। आरोप है कि विभाग ने पूर्व में करीब 60 बीघा जमीन पर 9 माइंस आवंटित करने से स्थानीय लोगों के हक पर चोट पहुंची है। झूठे मुकदमे वापस लें : कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासक और अन्य ग्रामीणों पर दर्ज किए गए मुकदमे राजनीति से प्रेरित और द्वेषतापूर्ण हैं। ग्रामीणों ने न्यायसंगत जांच कर थोपी गई झूठी धाराएं हटाने की मांग की। अवैध तरीके से माइंस आवंटन बंद करे। सरपंच संघ जवाजा, भाजपा पार्षद दल, एबीवीपी के सदस्य भी कलेक्ट्रेट पहुंचे। निवर्तमान सभापति नरेश कनौजिया, सरपंच संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह के नेतृत्व में जन प्रतिनिधि विरोध में शामिल हुए।


