गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड स्थित कुशमाकुरा गांव में डायरिया का प्रकोप देखा जा रहा है। मंगलवार की देर शाम से शुरू हुई यह समस्या बुधवार तक और अधिक फैल गई। अब तक 14 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 5 मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर किया गया है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मरीजों का इलाज कर रही है। टीम ने ग्रामीणों को दवाएं वितरित कीं और बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी। गांव में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है: ग्रामीण प्रारंभिक जांच में डायरिया का मुख्य कारण दूषित पानी सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है। लोग बोरिंग और कुएं का पानी पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव ने डुमरी स्वास्थ्य विभाग को बीमारी की रोकथाम के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने मामले की जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने को भी कहा है। कुछ मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि गांव में कुछ लोगों को डायरिया होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद स्थानीय मेडिकल टीम को गांव में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक कितने लोग पीड़ित है। इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं मिली है। हालांकि सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। साथ ही सभी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


