गिरिडीह जिले में जंगली हाथियों का आतंक जारी है। बिरनी प्रखंड में हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना गादी और पेशम पंचायतों में हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। जानकारी के अनुसार, बिरनी प्रखंड की गादी पंचायत में सुबह खेत की ओर जा रहे 70 वर्षीय शांति देवी और 55 वर्षीय बोधी पंडित को हाथियों के झुंड ने घेर लिया। इसके बाद हाथियों ने उन्हें कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसी गांव के पास स्थित पेशम पंचायत में भी हाथियों ने हमला किया। यहां 40 वर्षीय सुदामा देवी खेत की ओर जा रही थीं, तभी हाथियों ने उन्हें उठाकर पटक दिया। वे गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। हाथियों के झुंड को हटाने का प्रयास शुरू इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। मृतकों के घरों में मातम पसरा है। सूचना मिलने पर भरकट्टा ओपी प्रभारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की सलाह दी और हाथियों के झुंड को हटाने का प्रयास शुरू किया। वन विभाग द्वारा समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाथियों की आवाजाही की लगातार सूचना देने के बावजूद विभाग द्वारा समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। पेशम पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि गुड्डू सिन्हा ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया और वन विभाग से जल्द हाथियों को हटाने तथा मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन से गांव में रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीण खेत–खलिहान जाने से भी डर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से गांव में रात्रि गश्ती बढ़ाने, चेतावनी व्यवस्था विकसित करने और प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।


