दुबई में रहस्यमय परिस्थितियों में जान गंवाने वाले पवन सिंह का पार्थिव शरीर PCT ह्यूमैनिटी की मदद से भारत लाया गया है। पठानकोट निवासी पवन सिंह के माता-पिता अब अपने बेटे का अंतिम संस्कार कर सकेंगे।पवन नौकरी के लिए दुबई गए थे। PCT ह्यूमैनिटी के संस्थापक जोगिंदर सलारिया ने बताया कि उन्हें पठानकोट जिले के पवन सिंह की दुबई में रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत की सूचना मिली थी। सलारिया स्वयं पठानकोट के मूल निवासी हैं। दुबई में कारोबार करते हैं। उन्होंने जरूरतमंदों की मदद के लिए ‘PCT ह्यूमैनिटी’ नामक संगठन बनाया है। सरकार की मदद न मिलने से निराश था परिवार सलारिया ने बताया कि पवन सिंह के परिवार की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार भारत में हो, लेकिन उन्हें सरकार या किसी राजनीतिक नेता से मदद नहीं मिल पा रही थी। परिवार इस स्थिति से काफी निराश था। उनकी संस्था ऐसे मामलों में परिवारों की सहायता करती है। उन्होंने दुबई में अपने संपर्कों का उपयोग करते हुए वहां की सरकार और प्रशासन से संपर्क साधा। इसके बाद पवन सिंह का पार्थिव शरीर भारत भेजने की पूरी प्रक्रिया पूरा किया गया।सलारिया ने कहा संस्था पहले भी विदेशों से पठानकोट जिले के कई अन्य व्यक्तियों के पार्थिव शरीर लाने में मदद कर चुकी है। सरकार ऐसे मामलों में मदद करे, प्रदेश में रोजगार बढ़ाए उन्होंने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार को भी चाहिए कि ऐसे दुखी परिवारों की मदद के लिए ठोस कदम उठाए। जोगिंदर सलारिया ने यह भी कहा कि आखिर पंजाब में हालात ऐसे क्यों बन रहे हैं कि युवाओं को विदेशों का रुख करना पड़ रहा है विदेश जाकर जीवन आसान नहीं होता। नशे के लिए बदनाम हो रहा प्रदेश, रोजगार बढ़ाए सरकार यह पंजाब कभी बलवान और बहादुर युवाओं के लिए जाना जाता था, वह आज नशे (चिट्टे) के लिए बदनाम हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि पंजाब में सरकारी ही नहीं बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ाने के प्रयास किए जाएं ताकि युवाओं को रोजगार मिले और वे नशे जैसी कुरीति के शिकार न हों। उन्होंने आशा जताई कि पंजाब, जो दुनिया में अपनी अनोखी और शक्तिशाली पहचान के लिए जाना जाता है, फिर मजबूत युवाओं वाला पंजाब बनकर दुनिया के सामने खड़ा होगा।


