गिरिडीह के चैताडीह स्थित मातृत्व शिशु इकाई केंद्र में एक प्रसूता की मौत से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान बक्सीडीह खरियोडीह निवासी काजल देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, काजल देवी को उनके पति राहुल कुमार 12 अगस्त को प्रसव के लिए अस्पताल लाए थे। उसी दिन उनका सामान्य प्रसव हुआ। जांच के बाद चिकित्सकों ने 13 अगस्त को उन्हें घर भेज दिया था। अचानक बिगड़ी तबीयत, हालत खराब सोमवार की सुबह अचानक काजल की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें फौरन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद नर्स और डॉक्टर ने बताया कि उन्हें पेट में दर्द है। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद कोई विशेष इलाज नहीं किया गया और कुछ देर बाद काजल की मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में परिजन और ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण ही काजल की जान गई। सूचना मिलने पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रदीप बैठा और पचम्बा थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ब्लड टेस्ट से पहले चली गई जान डॉ बैठा ने बताया कि मरीज को तकलीफ होने पर दिखाया गया था। डॉक्टरों ने जांच की और ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी थी, लेकिन जांच से पहले ही उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में एनीमिया को मौत का कारण बताया जा रहा है। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि सही समय पर इलाज मिल जाता तो काजल की जान बचाई जा सकती थी।


