गिव अप अभियान के तहत दौसा जिले में 7034 अपात्र व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ा है। वहीं170 अपात्र लोगों को नोटिस जारी किये गये हैं, जिसमें वसूली की कार्यवाही की जाएगी। अभियान में अब प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर खाद्य विभाग के प्रतर्वन अधिकारी एवं प्रवर्तन निरीक्षक औचक निरीक्षण करने के साथ ही खाद्य सुरक्षा में चयनित अपात्र लोगों को नोटिस जारी करेंगे। खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन स्वामी का डाटा संकलित कर खाद्य सुरक्षा में चयनित अपात्र लोगों को नोटिस जारी करेंगे और वसूली की कार्यवाही की जाएगी। जिला रसद अधिकारी मोहन लाल देव ने बताया कि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाए ताकि वह समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। इसी के तहत खाद्य सुरक्षा योजना से अपात्र लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और पात्र परिवारों के सदस्यों के नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयकर दाता परिवार, सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्त शासी संस्थाओं में कर्मचारी वाले परिवार, एक लाख से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार और किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन वाले परिवार निष्कासन सूची में शामिल हैं। ट्रेक्टर आदि जीविकोपार्जन वाले वाहनों को इसमें छूट है। उन्होंने बताया कि 1 नवम्बर 2024 से प्रारंभ ‘गिव अप’ अभियान में जिले में 7034 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया है।
12019 व्यक्तियों के नाम योजना से जोड़े जिला रसद अधिकारी ने बताया कि गत 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा योजना पोर्टल खोला गया था, जिसमें पूरे प्रदेश में 20.80 लाख व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है, वहीं दौसा जिले में 12019 व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है।


