गीता सप्ताह के अवसर पर अर्जुन उवाच शिक्षण संस्थान और संस्कृत भारती के संयुक्त तत्वावधान में एक दिसंबर को नेताजी नगर कांटाटोली स्थित काली मंदिर प्रांगण में गीता के अध्याय का नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति को संस्थान के 20 बच्चों ने बखूबी निभाया। बच्चों ने पन्द्रहवें अध्याय के श्लोकों का वाचन संस्कृत मे किया और उनके शब्दार्थ हिन्दी में बताए। कार्यक्रम का प्रारंभ शंखनाद और दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में मोहल्ले के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इस मौके पर एस. जी. मेमोरियल कॉलेज की संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉक्टर पंपा सेन विश्वास, विश्व देव दत्ता, सेवानिवृत गणित के शिक्षक, विशिष्ट अतिथि व पृथ्वीराज सिंह, सरकारी विद्यालय में संस्कृत शिक्षक, सारस्वत अतिथि के रूप मे मौजूद थे। उन्होंने गीता और उसकी वर्तमान परीपेक्ष्य में प्रासंगिकता और बच्चों के लिए इसे अनिवार्य बताया। इस आयोजन को सफल बनाने मे संस्थान के सदस्यों जिनमें रमेश कुमार , परितोष घोष , प्रदीप कुमार जालुका, डलिया दास , बबली दास , स्मृति चौधरी , रीता पंडित एवं अन्यों का भरपूर सहयोग रहा।


