जालंधर| मंगलवार को प्रेस क्लब में दो किताबों का विमोचन किया गया। इनमें एक किताब ‘सिरलेख वंगां सत रंगियां’ और दूसरी ‘चौधरी दा चन्न’ है। इन किताबों में गीत और कविताओं का संग्रह है। इसमें सभ्याचार और आम व्यवहार के अलग-अलग भाव प्रस्तुत किए गए हैं। दोनों किताबों में कुल मिलाकर 20-30 गीत हैं। इस किताब रिलीज के दौरान कुंदन लाल भट्टी के साथ गीतकार सुखविंदर झांसावालिया भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुंदन लाल भट्टी की लिखी किताबें काफी रोचक होती हैं। वह उच्च कोटि के साहित्यकार हैं। उनकी अब तक पंजाबी साहित्य को 69 किताबों की देन है। जिनकी 16 से ज्यादा किताबें एशिया व इंडिया बुक में शामिल हो चुकी हैं।


