भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में खाद्य विभाग, नान और वेयरहाउस की लापरवाही के चलते गीदम वेयरहाउस में 30 हजार क्विंटल चावल सड़ गया। इसके लिए जो अधिकारी जिम्मेदार हैं, जिले में उन्हीं को दूसरे गोदामों में रखे चावल के स्टॉक की जांच की जिम्मेदारी दे दी गई है। ये अफसर सभी स्टॉक को ओके रिपोर्ट दे रहे हैं, ताकि खराब चावल किसी भी तरह गरीबों की थाली तक पहुंचाकर। कुल मिलाकर खराब चावल का स्टॉक खत्म कर मामला रफा-दफा करने की तैयारी, न कि निष्पक्ष जांच। गीदम वेयरहाउस में चावल खराब होने के बाद चावल में फिर से दवा का छिड़काव कर इसे पैक कर दिया गया था, अब खोलने पर इसमें मरे हुए कीड़े निकल रहे हैं, इसी चावल को अच्छा बताकर विभाग बोरों में पैक करवा रहा है, जबकि रायपुर से आई टीम दो बार की जांच में अभी तक चावल को खाने योग्य होने की पुष्टि नहीं की है। जिला खाद्य अधिकारी के द्वारा गीदम के बाद दंतेवाड़ा वेयरहाउस के चावल में भी घुन लगने के बारे में पहले जानकारी दी गई थी कि एक दो बोरों में ही गड़बड़ी मिली है। गीदम वेयरहाउस के 30 हजार क्विंटल चावल का क्या होगा, इसे लेकर अब राज्य की जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। चावल की सफाई जरूर करवाई जा रही है, लेकिन चावल मिलर को वापस जाएगा या पीडीएस के माध्यम से हितग्राहियों को दिया जाएगा, इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मिलरों का कहना है कि जब हमने चावल दिया, तो ठीक था। क्वालिटी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट हमारे पास है। क्वालिटी इंस्पेक्टर की जांच बिना चावल ठीक बताया बिना क्वालिटी इंस्पेक्टर की जांच के खाद्य विभाग के अधिकारी के द्वारा दंतेवाड़ा के चावल को ठीक होना बताया जा रहा है। जिले में खाद्य विभाग के द्वारा गीदम और दंतेवाड़ा की पीडीएस की दुकानों में खराब चावल भेजा गया है, शिकायत करने वाले विक्रेताओं को कार्रवाई की बात विभाग के द्वारा कही जा रही है, गीदम के कासोली सलवा जुड़ूम राहत शिविर में भी खराब चावल विभाग द्वारा भेजा गया है।


