जिले की सड़कों के मरम्मत पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने की बात कहकर ठेकेदारों को काम दिए गए लेकिन हालात और भी खराब हो गए। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां 10 करोड़ रुपए से डामरीकरण का काम हुआ, जो अब बेहाल है। हाल ही में कुछ स्थानों पर किए गए डामरीकरण में यही स्थिति देखने मिल रही है। ठेकेदार की लापरवाही इस कदर है कि भारी वाहनों का दबाव यह सड़कें नहीं झेल पा रही हैं। स्थिति यह है कि यदि भारी वाहन यहां से मुड़ रहे तो पूरी सड़क की परत उधड़कर बाहर आ जा रही है। कलेक्टर बंगले के सामने ही कुछ दिनों पहले यह स्थिति बनी थी। उसे ले देकर मरम्मत कराया गया। अब गौरव पथ और जिला अस्पताल कॉलोनी में भी ऐसी स्थिति देखने मिल रही है। यही नहीं लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर निगम प्रशासन मेहरबान है। निगम के अफसर सड़कों का निरीक्षण नहीं कर रहे। उल्टे मेंटेनेंस का जिम्मा ठेकेदारों पर होने की बात कहकर खराब क्वालिटी की अनदेखी की जा रही। लंबे समय बाद शहर की सड़कों का डामरीकरण किया जा रहा है। गुणवत्ता का यही हाल रहा तो आने वाली बारिश में यह सड़कें टूट जाएंगी।
गौरव पथ: कुछ दिन पहले ही डामरीकरण का काम पूरा किया गया है। यहां पोस्टमॉर्टम भवन के सामने भारी वाहन के गुजरने से पूरी सड़क खराब हो गई है। स्थिति यह है कि रात में इसमें वाहन अनबैलेंस होकर हादसे का शिकार भी हो सकते हैं। गंभीर बात तो यह है कि ठेकेदार ने रिफलेक्टिव रोड डेलिकेट्स भी साइंस कॉलेज के सामने तक लगाए। आधे हिस्से में यह काम भी नहीं किया गया है। ऑडिटोरियम में वीआईपी का आना-जाना लगा रहता है। इसी वजह से यहां चमक-दमक दिखाई गई है। ^ जहां सड़कों का निर्माण अधूरा है, उसे पूरा कराया जाएगा। गौरव पथ में रात में भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है। इससे भी कई बार सड़क को नुकसान होता है। दोनों दिशाओं में इन्हें रोकने एंगल लगाए जाएंगे। गुणवत्ता का ध्यान रखने ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं। अतुल विश्वकर्मा, निगम आयुक्त अस्पताल कॉलोनी: जिला अस्पताल में कॉलोनी के पास का हिस्सा उधड़ने लगा है। यहां भी काम में औपचारिकता ही निभाई गई है। जबकि बारिश के दिनों में यह परिसर पानी में डूब जाता है। ऐसे में आने वाली बारिश में इस सड़क का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। डामरीकरण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। जिसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ेगा।


