भास्कर न्यूज | गुमला संत पात्रिक महागिरजाघर में बुधवार को पवित्र चालीसा काल के आगमन के मौके पर तीन पालियों में विशेष मिस्सा पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया। पहला मिस्सा पूजा अनुष्ठान सुबह पांच बजे मुख्य अधिष्ठाता विशप स्वामी लिनुश पिंगल एक्का की अगुवाई में संपूर्ण धर्म विधि के साथ संपन्न हुआ। वही सह अधिष्ठाता के भूमिका में विकर जनरल फादर जेफ्रानियुश तिर्की, फादर इमानवेल कुजूर थे। दूसरा मिस्सा पूजा सात बजे पल्ली पुरोहित फादर कुलदीप के अगुवाई में संपन्न हुई। तृतीय मिस्सा अनुष्ठान सांय 5 बजे पल्ली पुरोहित फादर जेरोम एक्का ने कराई। मिस्सा पूजा के दौरान ख्रीस्तीय धर्मावलंबियों ने अपने माथे पर राख लगाकर चालीसा की शुरूआत की। विशप ने अपने संदेश में कहा कि चालीसा के माध्यम से ख्रीस्तीय धर्मावलंबी राख बुद्ध के दिन उपवास, परहेज व प्रार्थना की शुरूआत कर रहे है। चालीसा में हम सभी अपने गुनाहों से क्षमा मांगकर अपने जीवन को नवीकरण करें। यह मनुष्य के आंतरिक शुद्धिकरण का सशक्त समय है। सभी ख्रीस्तीय धर्मावलंबी इस दौरान उपवास करने की कोशिश करें। मांस-मछली का सेवन नहीं करें। भले कामों पर ध्यान दें। जरूरत मंदों के बीच दान दक्षिणा करें। यह समय आध्यात्मिक तैयारी का समय है। प्रभु यीशु के जी उठने का त्योहार पासका पर्व की तैयारी को लेकर आध्यात्म के द्वारा अपने आप को गुनाहों से पूरी तरह धो लें। मौके पर कोयर दल द्वारा प्रभु यीशु की गीतों के माध्यम से महिता की प्रस्तृति की गई। साथ ही ख्रीस्तीय धर्मावलंबियों के बीच परम प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर कैथोलिक महिला सभा के अध्यक्ष फ्लोरा मिंज, सचिव जंयती तिर्की, फादर अरविंद कुजूर, फादर नवीन कुल्लू, फादर नीलम एक्का, फादर मुनसन बिलुंग, फादर प्रभु प्रकाश मिंज, फादर नबोर मिंज मौजूद थे। फादर जेफ्रनियुश तिर्की सहधिष्ठाता विकर जनरल फादर जेफ्रनियुश तिर्की ने अपने संदेश में कहा कि प्रत्येक मनुष्य मिटटी व राख के समान है। मरने के बाद सभी मिटटी में मिल जाएंगे। समाज में जन्में उंच-नीच, अमीर-गरीब हर तबके के लोगों को एक दिन मौत का मजा चखना है। उन्होंने कहा कि चालीस दिन का पवित्र चालीसा प्रारंभ हो गया। आप सभी अपने आप में घमंड नहीं करें। सबको प्यार करें। उन्होंने कहा कि राख बुध पर्व के अवसर पर चालीसा के पुण्यकाल में प्रवेश करने के साथ ही पास्का पर्व की ओर हमारी यात्रा शुरू हो गई है। चालीसा एक यात्रा है।


