भास्कर न्यूज|गुमला झारखंड नवनिर्माण दल व ननबैंकिंग कंपनी पीड़ित मंच के बैनर तले गुमला कचहरी से पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत गुमला शहर में पार्टी नेता प्रकाश उरांव व पुष्पा उरांव की संयुक्त नेतृत्व में झंडा बैनर लेकर चेतावनी मार्च निकाली गई तथा उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार को जल्द भुगतान सहित तीन सूत्री मांग-पत्र सौंपी गई। चेतावनी मार्च में भारी संख्या में शामिल लोगों द्वारा मेहनत का जमा पैसा केंद्र और राज्य सरकार भुगतान करो, मेहनत का जमा पैसा नहीं छोड़ेंगे, सभी ननबैंकिंग कंपनियों में जमा पैसे की सूद समेत भुगतान करना होगा, विकास के नाम पर भ्रष्टाचार नहीं चलेगा, विकलांग, विधवा, वृद्धा जैसे पेंशनधारियों को एकमुश्त पेंशन का भुगतान करो, महिलाओं का शोषण नहीं चलेगा, झारखंड में सूदखोरी का धंधा नहीं चलेगा, जैसे जोरदार ढंग से नारे लगाए जा रहे थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड नवनिर्माण दल के केंद्रीय संयोजक विजय सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार बजट सत्र में ननबैंकिंग में जमा पैसे की भुगतान का फैसला करें। सिंह ने मेहनत का पैसा जमा करने वालों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की गलती के कारण विभिन्न ननबैंकिंग कंपनियां लोगों के पैसे लेकर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार व कंपनी से पैसे भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी में बड़ी संख्या में जुड़ने की बात कहते हुए 19 मार्च 2025 को विधानसभा मार्च में गुमला जिला से सैकड़ों की संख्या में रांची चलने की भी अपील की है। वहीं पार्टी नेता प्रकाश उरांव ने कहा कि राज्य में विकलांग, विधवा व वृद्धावस्था पेंशन के लाभुकों का पेंशन रोकने का मामला को अन्याय बताया है। महिला नेत्री पुष्पा उरांव ने महिला उत्पीड़न की बढ़ती घटना का विरोध करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर महिला समूह को ऋणी बनाकर सूदखोरी का काम राज्य में चल रहा है। सरकार महिला मंडल को दिया गया सभी तरह का लोन माफ करे तथा रोजगार अनुदान एवं व्यवसाय के लिए सूद रहित आर्थिक सहयोग की नीति बनाने की मांग की है। चेतावनी मार्च में मनी उरांव, शंकर उरांव, फबयानूस सारस, शिवनाथ मुंडा, सहदेव चिक बड़ाईक, बिलफेड तिर्की, लकयूस बाड़ा, लक्ष्मण साहू, संजय प्रसाद, जगन साहू, धनेश्वर सिंह, गोपेश्वर गोप, राजू सिंह, तिलक बैगा, बादल सिंह, निर्मला देवी, टेरेसा मिंज, मोहिनी देवी, मीरा तिग्गा, करिश्मा टोप्पो, सरिता तिर्की, संध्या तिर्की, अनीता मिंज, कुसमा मिंज, कमला देवी, मालती देवी सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।


