गुना विधायक बोले-देश में पांचाली जैसे गुणों की कमी नहीं:कहा- खिलाड़ी कुत्तों की तरह हांफने लगते हैं, उन्हें चने खिलाओ; शरीर में दम आएगी

गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा- इस देश में लक्ष्मीबाई, पांचाली और सीता जैसे गुणों की कमी नहीं है। चाहे फिर वो व्योमिका सिंह हो या सोफिया कुरैशी। शाक्य ने यह बात सोमवार को गुना में 38वें स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री हॉकी टूर्नामेंट के उद्घाटन के मौके पर कही। उन्होंने कहा- गुना की भूमि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोगों को जन्म देती है। अभी जब मैंने प्रवेश किया तो मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि ये जो वाद्ययंत्र हैं, उसमें कुछ बालिकाएं भी सहभागी हैं। अच्छा वाद्य यंत्र का अभ्यास था उनका। बहुत अच्छा बजा रही थीं वो। मुझे बड़ा अच्छा लगा कि वाह क्या बात है…मतलब अभी भी इस देश में लक्ष्मीबाई, पांचाली और सीता जैसी गुणों की कमी नहीं है। चाहे फिर वो व्योमिका सिंह हो, सोफिया कुरैशी हो। ये उसी लाइन की ही महिला हैं, जो कितना अच्छा वाद्य यंत्र उपयोग कर रही थीं। हॉकी के लिए परमानेंट फंड बनाएं, कट मनी न खाएं
विधायक शाक्य ने कहा- नगर पालिका अध्यक्ष और जितने भी पार्षद यहां बैठे हैं, उन सब से मेरा एक निवेदन है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी आ चुके हैं, तो इसे हमेशा के लिए हरा-भरा रखें, ये चलता रहे। पार्षदों से मैं कहूंगा कि इसके लिए समर्थन करना। जब भी अगली मीटिंग हो नगरपालिका की, तो एक स्थायी फंड तय करके रखें, जो हॉकी के पोषण-संवर्धन में काम आएगा। कट मनी खाने में नहीं। अच्छे स्तर के खिलाड़ी हों, उस स्तर की स्टिक हो, बॉल हो, उसी में वो पैसा खर्च किया जाए। अधिकारी तो आते-जाते रहते हैं। आज जो CMO हैं, वो तो कल चले जाएंगे। पर यहां कुछ लोग स्थायी हैं, उन पर बड़ा भारी पड़ेगा कि हमारा जो स्टाईपेंड है, उस पर कैंची न चले। पिज्जा-बर्गर खाओगे तो कुत्तों जैसे हांफने लगोगे
शाक्य ने कहा- खिलाड़ियों की डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। खिलाड़ियों को खाना ही दिया जाएगा। अगर खिलाड़ियों को पैसा देंगे तो वे क्या करेंगे- चाय पीएंगे, कॉफी पीएंगे। नहीं…नहीं। उनसे पहले शर्त लिखवाना चाहिए कि खेलने के बाद केवल चने खाओ, पानी में भिगोकर। और जितने भी कोच हैं, उन्हें यह बताकर रखना पड़ेगा कि खेलने के बाद खिलाड़ियों को आधे घंटे तक चने चबवाएं। तभी शरीर में दम आएगी, बाजुओं में ताकत आएगी और पैरों में जान आएगी। नहीं तो चार-पांच बार मैदान का चक्कर लगाने के बाद खिलाड़ी कुत्तों की तरह हांफने लगते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कहां से तैयार हो पाएंगे। इसलिए मेरा सभी पार्षदों से निवेदन है कि परिषद की बैठक में प्रस्ताव पास कर एक फंड तय किया जाए, जिससे इन खिलाड़ियों का संरक्षण लगातार होता रहे। रानी लक्ष्मीबाई का घोड़ा किले से ग्वालियर तक आ गया था। वह चने ही खाता होगा। आज हम चाउमीन, पिज्जा और बर्गर खाते हैं, तो शरीर में ताकत आएगी कहां से। 15 टीमें खेल रहीं, पहला मैच सागर को हराकर गुना ने जीता
बता दें कि करीब 9 वर्ष बाद गुना में नगर पालिका द्वारा हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है। इसमें 15 टीमें हिस्सा ले रही हैं। सोमवार को पहला मैच सागर और गुना की टीम के बीच खेला गया, जिसमें गुना की टीम ने सागर को 3-1 से हरा दिया।

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