गुमला में 70 प्रज्ञा केंद्रों की आईडी निलंबित, नहीं लगाए थे रेट चार्ट

गुडडू चौरसिया|गुमला जिले में आम नागरिकों को डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने वाले प्रज्ञा केंद्रों पर प्रशासन का डंडा चला है। गुमला के विभिन्न प्रखंडों में संचालित 70 प्रज्ञा केंद्रों की लॉगिन आइडी को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने, केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव और लगातार मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की गई है। जांच में पाया गया कि कई केंद्रों पर अनिवार्य रेट चार्ट नहीं लगाए गए थे। जिससे ग्रामीणों से अधिक राशि वसूलने की आशंका बनी रहती थी। इसके अलावा कई केंद्र स्थायी कार्यालय के बजाय अस्थाई ठिकानों से संचालित हो रहे थे, जो सरकारी दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है। केंद्रों के पास पुलिस सत्यापन जैसे प्रमाण-पत्र भी नहीं पाए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीएससी पोर्टल के माध्यम से होने वाले लेन-देन में पारदर्शिता की कमी और लॉग-बुक का संधारण न करना भी इस निलंबन का मुख्य कारण है। केंद्रों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुव्यवस्थित करने के बाद जिला प्रबंधक के भौतिक सत्यापन होने पर ही आइडी पुनः चालू किए जाने की अनुशंसा की जाएगी। साथ ही प्रज्ञा केंद्र का संचालन केवल उसी स्थान पर किया जाना अनिवार्य है, जिसके लिए उसका पंजीकरण किया गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान यदि यह पाया गया कि किसी एक प्रखंड या जिले की आइडी का संचालन किसी अन्य प्रखंड या जिले में किया जा रहा है, तो ऐसी आईडी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। गुमला जिले में 800 से अधिक प्रज्ञा केंद्र संचालित है। जिनमें 70 पर कार्रवाई की गई है। ऐसे में फिलहाल इन केंद्रों पर काम नहीं होगा। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि कार्य के लिए अब अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है। जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक रंजन नंदा ने बताया कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। जिन 70 केंद्रों की आइडी ब्लॉक की गई है। उन्हें अपनी स्थिति सुधारने और मानकों को पूरा कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं पाया गया, तो इन केंद्रों का लाइसेंस स्थाई रूप से रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं सत्यापन का कार्य निरंतर जारी रहेगा। सभी प्रज्ञा केंद्रों में आम जनता को समयबद्ध, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है। इनमें डीजी पे, बीमा सेवाएं, जनरल इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, नागरिक व कल्याणकारी सेवाएं, पैन कार्ड, आयुष्मान भारत, आय, जाति व पंजीकरण, शिक्षा व परीक्षा सेवाएं, ओलंपियाड पंजीकरण, विभिन्न सरकारी परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन, पासपोर्ट व कर सेवाएं, जीएसटी पंजीकरण व रिटर्न फाइलिंग, ग्रामीण ई-स्टोर सेवाएं, नेशनल पेंशन सिस्टम अन्य आवश्यक डिजिटल सेवाएं, डिजिटल क्रॉप सर्वे, बिजली बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज, रेलवे टिकट, बस टिकट व ड्राइविंग लाइसेंस आदि सेवा लोगों को प्रदान करता है। प्रज्ञा केंद्र के संचालन के लिए केंद्र का एक निश्चित और स्थायी पता होना अनिवार्य है। साफ-सुथरा बैठने का स्थान और इंटरनेट की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। बाहर प्रज्ञा केंद्र का आधिकारिक बोर्ड और सेवाओं की मूल्य सूची स्पष्ट होनी चाहिए। साथ ही सभी प्रकार के लेनदेन की रसीद ग्राहकों को देना अनिवार्य है।

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