गुरदासपुर में नगर कौंसिल के कर्मचारी रात के समय चोरी-छिपे जिम्नेजियम हॉल के अंदर मैदान में गड्ढा खोदकर शहर का कूड़ा दबा रहे थे। यह घटना एसएसपी और डीसी गुरदासपुर के आवास के पास स्थित जिम्नेजियम हॉल में हुई। इस मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। शहर में कूड़े की समस्या लगातार बनी हुई है। इसे लेकर गुरदासपुर में राजनीतिक भी है। बीती रात हुई इस घटना से जिम्नेजियम हॉल में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। नगर कौंसिल प्रधान ने जताई अनभिज्ञता नगर कौंसिल के प्रधान बलजीत सिंह पाहड़ा ने इस संबंध में अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन जो भी कूड़ा फेंका जा रहा है, वह एडीसी गुरदासपुर के निर्देशों पर ही किया जा रहा है। एडीसी ने आरोपों को नकारा वहीं, एडीसी हरजिंदर सिंह बेदी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी सुबह ही मिली। उन्होंने नगर कौंसिल द्वारा जिम्नेजियम हॉल में कूड़ा फेंकने को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि वे सोमवार को नगर कौंसिल को नोटिस जारी करेंगे। बेदी ने नगर कौंसिल प्रधान के इस दावे को खारिज किया कि यह काम एडीसी के निर्देशों पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें लगी लेबर और इस्तेमाल की जा रही मशीनरी नगर कौंसिल की है, इसलिए इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर कौंसिल की है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जो कूड़ा वहां दबाया गया है, उसे निकाला जाएगा। क्या कहते हैं खेल अधिकारी इस सबंध में जिला खेल अधिकारी सिमरनजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा उन्हें अपने सिक्योरिटी गार्ड से पता चला है कि यहां पर कूड़ा दबाया जा रहा था, लेकिन उन्हें एडीसी साहिब के निर्देश थे कि जिम्नेजियम हाल में कोई काम चलना हैं इसलिए गेट खुलवाएं जाए। उन्हें यह मालूम नहीं था कि वहां कूड़ा फेंका जाना है।


