पंजाब में गुरदासपुर के गांव कलेर खुर्द में कोर्ट के आदेशों पर जमीन का कब्जा दिलाने गए सरकारी अधिकारियों पर दूसरे पक्ष ने फायरिंग कर दी। घटना के समय नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी सहित चार पुलिसकर्मी भी सुरक्षा के लिए मौके पर मौजूद थे। अधिकारियों ने ट्रक के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। कब्जाधारी पक्ष के रणजीत सिंह और उनके बेटों जतिंदर सिंह और नरेंद्र सिंह ने 7 कनाल 12 मरले जमीन का कब्जा दिलाने पहुंचे अधिकारियों पर गोलीबारी की। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही दूसरे पक्ष ने फायरिंग शुरू कर दी। कोर्ट के आदेश पर जमीन पर कब्जा दिलाने गए थे अधिकारी बता दें कि, गांव कलेर खुर्द निवासी करनैल सिंह और रणजीत सिंह के बीच जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। फिलहाल जमीन पर रणजीत सिंह और उसके बेटों का कब्जा है। कोर्ट ने करनैल सिंह के पक्ष में फैसला दिया और पुलिस आदेश दिए कि विवादित जमीन का कब्जा करनैल सिंह को दिया जाए। कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में नायब तहसीलदार, कानूनगो लखविंदर सिंह और पटवारी सतबीर सिंह स्थानीय थाना पुलिस को लेकर करनैल सिंह को कब्जा दिलाने के लिए पहुंचे। बताया जाता है कि अधिकारियों के गांव में आने की सूचना पाकर रणजीत सिंह पक्ष के लोग हथियार लेकर मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने शुरू की जांच पटवारी सतबीर सिंह और कानूनगो लखविंदर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने मौके पर दूसरे पक्ष से जमीन से संबंधित कोई अदालती स्टे या अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा, तो उन्होंने बातचीत करने के बजाय सीधे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। अधिकारियों ने एक ट्रक के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। वहीं, मौके पर पहुंचे संबंधित चौकी नशहरा मज्जा सिंह के चौकी इंचार्ज ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जिन सरकारी अधिकारियों पर फायरिंग हुई है, उनके बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


