गुरुग्राम में इकोनॉमिक क्राइम ब्रांच एक की टीम ने पॉश इलाके के एक प्लॉट की फर्जी ट्रांसफर डीड बनाकर बेचने के मामले में एक आरोपी को अरेस्ट किया है। पुलिस उसे पंजाब के फिरोजपुर से पकड़ कर लाई है। आरोपी की पहचान मनीष कुमार (45) निवासी गांव पंजेके उत्तर, जिला फिरोजपुर (पंजाब) के रूप में हुई है। अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहने वाले बिजनेसमैन गौरव नरूला ने सेक्टर 29 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता ने वर्ष 1985 में पॉश इलाके सुशांत लोक-I में एक प्लाट खरीदा था। पिता ने उस प्लॉट को वर्ष-1991 में उसके नाम कर दिया। वर्ष-1991 से वही इस प्लॉट का मालिक था। इस प्लॉट को एक व्यक्ति मनीष और उसके साथियों ने फर्जी तरीके से गौरव नरूला बनकर नकली ट्रांसफर डीड, फर्जी आधार कार्ड और फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर अपने नाम कर लिया। इसके बाद उस प्लॉट को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। NRI ने FIR दर्ज करवाई
इस संबंध में DLF सेक्टर-29 थाने में FIR दर्ज की गई थी। बाद में केस इकोनॉमिक क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच टीम ने मनीष को फिरोजपुर से पकड़ा है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि वह फिरोजपुर में आढ़त की दुकान पर काम करता है। फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार करके नकली विक्रेता बना
आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर नकली गौरव नरूला बनाया और खुद को गौरव नरूला का भाई बना लिया। इसके बाद उसने प्लाट को फर्जी गिफ्ट डीड के माध्यम से अपने नाम करा लिया और आगे एक अन्य व्यक्ति को 10.70 करोड़ रुपए में इसे बेच दिया। इस सौदे में आरोपी के बैंक खाते में 7.71 करोड़ आए थे। 6 दिन का पुलिस रिमांड लिया पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करके 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अभी आरोपी से अन्य शामिल लोगों के बारे में पूछताछ करनी है और बाकी की रकम भी बरामद करनी है।


