चाईबासा | गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा में लोहड़ी का त्योहार उत्साह के साथ खुशियों भरे माहौल में मनाया गया। सिख समुदाय के लोगों ने लकड़ियों के ढेर पर सरसों के तेल डाल कर आग जलायी गई। गुरमुख सिंह खोखर ने अग्नि पर तिल, चुड़ा, रेवड़ी, मकई डालते हुए सखनी आवि ते भरी जावीं कहते हुए सात फेरे लेकर लोहड़ी के त्योहार की शुरुआत की। इसके बाद उपस्थित सभी ने लोहड़ी के गीत गाते हुए वही सामग्री डालते हुए गाते अग्नि के फेरे लिए। बच्चियों और महिलाओं ने लोहड़ी के गीत गाते हुए गिद्धा भंगड़ा नाच किया। सिख समुदाय के परिवार में किसी बच्चे का जन्म होता है या फिर किसी की शादी होती है तो उसकी पहली लोहड़ी बड़ी धूमधाम से खुशियों के साथ मनाई जाती है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया।


