रांची | पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड आंदोलन के महानायक शिबू सोरेन का जाना केवल एक राजनीतिक हस्ती का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उन्होंने आदिवासी समाज, झारखंड की अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका समर्पण, सेवा और नेतृत्व सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। ये बातें गुरु नानक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि में सदस्यों ने कही। प्रेसिडेंट त्रिलोक सिंह होरा, सेक्रेटरी राजेंद्र सिंह, वाइस प्रेसिडेंट नवजोत अलंग रूबल, त्रिलोचन सिंह, जॉइंट सेक्रेटरी राजदीप सिंह, ईसी मेंबर देवेंद्र सिंह, गुरजीत चटवाल, राजदीप सिंह, सचदीप सिंह समेत अन्य ने शोक जताया।


