भास्कर न्यूज | अमृतसर एसएस जैन सभा सिविल लाइन के तत्वावधान में हाल ही में एक अद्भुत और ऐतिहासिक धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह आयोजन तपाचार्या संथारा साधिका, गुरुनी श्री हेमकुंवर जी महाराज की 101वीं जयंती के उपलक्ष्य में हुआ, जिसमें श्री नवकार महामंत्र पर आधारित महामृत्युंजय जप अनुष्ठान किया गया। इसमें गुरुनी श्री रजत रश्मि जी महाराज ने अपना पावन सान्निध्य प्रदान किया। अपने प्रवचन में गुरुनी रजत रश्मि जी महाराज ने बताया कि नवकार महामंत्र सभी मंत्रों का सार है, जो आत्मा को परम शांति, आत्मबल और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह महामृत्युंजय जप अनुष्ठान जीवन के दुखों, संकटों, कष्टों को दूर करता है। इससे आंतरिक शक्ति का अनुभव होता है। गुरुनी रजत रश्मि जी ने गुरुनी हेमकुंवर जी के जीवन पर भी प्रकाश डाला, उन्हें एक दिव्य साधिका, अद्वितीय तपस्विनी और असीम आध्यात्मिक शक्ति की धनी बताया। उन्होंने कहा कि गुरुनी हेमकुंवर जी का जीवन त्याग, तपस्या, संयम और सेवा का एक अद्भुत उदाहरण था। उनकी कठोर साधना, सच्चा आत्मानुशासन और अटूट श्रद्धा ने समाज को सत्य, अहिंसा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस कार्यक्रम में एसएस जैन सभा, सिविल लाइन अमृतसर के प्रमुख मार्गदर्शक मंगतराम राम जैन , पैट्रन अनिल जैन, चेयरमैन सुरिंदर जैन, प्रधान अमन जैन, महामंत्री धीरज जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष समीर जैन आदि उपस्थित थे।


