भास्कर न्यूज | कवर्धा शहर स्थित नवीन विप्र भवन में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम और शंकराचार्य के तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद विधिविधान से पूजन किया गया। वक्ताओं ने गुरु का महत्व बताया। विप्र समाज के अध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान अर्जित करना कठिन है। भगवान दत्तात्रेय ने 24 गुरु बनाए थे। भारतीय समाज में गुरु-शिष्य परंपरा बहुत पुरानी और गहरी रही है। पहले गुरुकुलों में शास्त्र और शस्त्र की शिक्षा दी जाती थी। शिष्यों को इसके लिए कठिन श्रम करना पड़ता था। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के ज्ञान के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर होता है। इस अवसर पर विप्र समाज के अध्यक्ष मनीष तिवारी, सचिव सुरेश शर्मा, कोषाध्यक्ष सिद्धू तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य बसंत शर्माआदिमौजूदथे।


